इतिहास के पन्नों में 16 जनवरी

  • 15 जनवरी 2012

इतिहास के पन्ने पलटें तो 15 जनवरी का दिन कई वजहों से याद किया जाएगा. तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन ने 15 जनवरी 1973 के दिन उत्तरी वियतनाम पर की जा रही बमबारी रोकने के आदेश दे दिए थे. भारत के पूर्वी राज्य बिहार और पड़ोसी देश नेपाल की सीमा के पास एक भयानक भूकंप में 11,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

1973: वियतनाम में युद्धविराम की घोषणा

Image caption अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन की युद्धविराम की घोषणा के बाद शांति समझौते के लिए दोबारा बैठक हुईं

तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन ने 15 जनवरी 1973 के दिन उत्तरी वियतनाम पर की जा रही बमबारी रोकने के आदेश दे दिए थे.

पेरिस में उत्तरी और दक्षिणी वियतनाम के साथ अमरीका के प्रतिनिधियों की वार्ता के बाद ये फ़ैसला किया गया.

इसके बाद उत्तरी वियतनाम पर हमले तो रोक दिए गए लेकिन दक्षिणी वियतनाम, लाओस और कम्बोडिया पर हमले जारी रहे.

अगले ढाई महीने में राष्ट्रपति निक्सन ने शांति समझौते का ऐलान कर दिया और अमरीकी सेना वियतनाम से लौट गई.

वियतनाम में लड़ाई वर्ष 1955 में शुरू हुई थी और अमरीका की सेना का पूरा दख़ल वर्ष 1965 से हुआ.

इस लड़ाई में 45,000 से भी ज़्यादा अमरीकी सैनिक, दक्षिणी वियतनाम के क़रीब पौने दो लाख सैनिक और उत्तरी वियतनाम के नौ लाख से ज़्यादा सैनिक मारे गए.

आख़िरकार अप्रैल 1975 के दिन उत्तरी और दक्षिणी वियतनाम एक हो गया.

1934: बिहार में भूकंप से हज़ारों की मौत

भारत के पूर्वी राज्य बिहार और पड़ोसी देश नेपाल की सीमा के पास 15 जनवरी 1934 को एक भयानक भूकंप में 11,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.3 नापी गई थी. भारत के मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप दोपहर में क़रीब दो बजे आया था.

जानकारी के मुताबिक इस भूकंप में मुज़फ्फरपुर और मुंगेर शहर पूरी तरह बर्बाद हो गए थे. साथ ही मोतिहारी और दरभंगा शहर में भी जान-माल को भारी क्षति हुई थी.

बताया जाता है कि इस भूकंप के झटके इतने ज़ोरदार थे कि मुंबई तक महसूस किए गए थे.

वहीं नेपाल के तीन प्रमुख शहरों, काठमांडू, भटगांव और पाटन में भी कई इमारतें ढह गई और सड़कों में दरारें पैदा हो गईं.

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