अरब राष्ट्र सेना सीरिया भेजें - क़तर

  • 14 जनवरी 2012
शेख हमाद बिन ख़लीफ़ा अल थानी इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption क़तर के अमीर ने लीबिया पर नेटो की कार्रवाई में हिस्सा लेने का फ़ैसला किया था

खाड़ी के देश क़तर के शासक ने कहा है कि अरब देशों को सीरिया में आम लोगों की हत्याओं को रोकने के लिए अपनी सेनाओं को वहाँ भेजना चाहिए.

क़तर के अमीर शेख हमाद बिन ख़लीफ़ा अल थानी ने अमरीकी टीवी चैनल सीबीएस को दिए गए एक इंटरव्यू में ये बात कही है.

शेख हमाद ने कहा,"हत्याओं को रोकने के लिए...कुछ सैनिकों को वहाँ जाकर उन्हें रोकना चाहिए".

ये पहला मौक़ा है जब किसी अरब नेता ने ख़ुलकर सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप की माँग की है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सीरिया में मार्च में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के भड़कने के बाद से पाँच हज़ार से अधिक आम नागरिक मारे जा चुके हैं.

क़तर ऐसा पहला अरब राष्ट्र था जिसने लीबिया में नेटो की अगुआई में हुई सैन्य कार्रवाई में हिस्सा लिया था.

इस कार्रवाई का अंत लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के पतन से हुआ.

क़तर इससे पहले सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद और यमन में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह का विरोध करनेवाले प्रदर्शनकारियों के दमन की आलोचना करनेवाले अरब राष्ट्रों का भी अगुआ रहा है.

प्रयास और हिंसा

अरब लीग ने अपने 165 पर्यवेक्षकों को सीरिया रवाना किया है जो वहाँ शांतियोजना की निगरानी करेंगे.

मगर इस दल के कई सदस्यों को अपने प्रयासों के प्रभावी रह सकने पर संदेह है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दिसंबर में पर्यवेक्षकों के सीरिया दौरा शुरू करने के बाद से अब तक 400 से अधिक आम नागरिक मारे जा चुके हैं.

सीरिया में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लेबनान से लगी सीमा के पास विद्रोह करनेवाले एक पहाड़ी क़स्बे ज़बादानी में सीरियाई सैनिकों ने शुक्रवार से कार्रवाई शुरू की है जिसमें टैंकों की सहायता ली जा रही है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक निर्वासित विपक्षी नेता के हवाले से लिखा है कि शनिवार को वहाँ संघर्ष में 40 लोग घायल हुए हैं.

मगर सीरिया में हताहतों की संख्या के बारे में पता लगाना मुश्किल है क्योंकि वहाँ अधिकतर विदेशी पत्रकारों के स्वतंत्र तौर पर रिपोर्टिंग करने पर पाबंदी है.

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