सोमालिया: 'अकाल से लाखों मौत की कगार पर'

  • 16 जनवरी 2012
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सोमालिया में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर-पूर्वी अफ़्रीका में अकाल के समाप्त होने तक सोमालिया में भूखमरी से लाखों लोगों की मौत हो जाएगी.

सोमालिया में खाद्य पदार्थों के संकट की घोषणा छह महीने पहले की गई थी और कहा जा रहा है कि वहां जुलाई और अगस्त तक ऐसी ही गंभीर स्थिति क़ायम रहेगी.

सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र राहत संस्था के प्रमुख मार्क बाउडन ने बीबीसी से कहा है कि वहां कुपोषण की दर विश्व में सबसे अधिक है.

उन्होंने कहा कि सोमालिया के तक़रीबन ढ़ाई लाख निवासी अभी भी अकाल की मार झेल रहे हैं.

मौतें

मार्क बाउडन ने कहा कि सोमालिया में कुपोषण की दर "आश्चर्यजनक रूप से बहुत अधिक" है और पिछले सालों में इसी कारण हज़ारों लोगों की मौत हो गई है.

उन्होंने कहा "बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होंगे, कुपोषण की दर सोमालिया में विश्व भर में सबसे अधिक है और जहां तक मुझे ध्यान है कि क़रीब पचास प्रतिशत शिशु जनसंख्या भयंकर या घातक कुपोषण से ग्रसित है."

मार्क बाउडन ने कहा कि हालांकि कुपोषण की दर में कमी आ रही है लेकिन आने वाले छह से सात महीनों में स्थिति संकटपूर्ण बनी रहेगी.

सोमालिया में पिछले बीस सालों के दौरान नाम मात्र की सरकार मौजूद रही है और वहां हथियारबंद समूहों के बीच लगातार लड़ाईयां जारी रहती हैं.

विकट स्थिति

बीबीसी के अफ़्रीका मामलों के संपादक का कहना है कि हालांकि सोमालिया में 1.3 अरब डॉलर की सहायता राशि पहुंची है लेकिन वहां की स्थिति अत्यंत गंभीर है.

भोजन की तलाश में पिछले साल हज़ारों लोग ग्रामीण क्षेत्रों से भागकर पड़ोसी देश ईथोपिया और कीनिया चले गए थे.

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक़ इस संकट के कारण क़रीब 15 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग की है ताकि खाद्य पदार्थों की सप्लाई के अलावा भेड़, बकरियों और ऊंटों की तादाद में फिर से बढ़ोतरी की जाए और लोगों को नए सिरे से जीवन की शुरूआत करने में मदद मिल सके.

बाधा

सहायता एजेंसियों का कहना है कि वहां जारी संघर्ष की वजह से सहायता कामों में बाधा आ रही है.

कीनिया के दस्ते अल-शबाब गुट का पीछा करते या उन्हें तलाश करते हुए सोमालिया के इलाक़ों में घुस जाते हैं.

कीनिया का कहना है कि उसके क्षेत्र में होने वाले अपहरणों में अल-शबाब का हाथ है. हालांकि अल-शबाब इन आरोपों से इंकार करता है.

इधर अल-शबाब ने सोमालिया के मध्य और दक्षिणी क्षेत्र के अधिकांशतर हिस्सों पर क़ब्ज़ा कर रखा है और उन इलाक़ो में पश्चिमी देशों से तालुक़्क़ रखने वाली संस्थाओं को प्रवेश नहीं करने देता.

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