जहाज़ दुर्घटना में सभी भारतीय सुरक्षित

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Image caption यह जहाज़ पिछले हफ्ते पत्थरों से टकराकर उलट गया था

इटली के समुद्र तट के पास दुर्घटनाग्रस्त जहाज़ में फंसे 300 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं.

इटली में भारत के राजदूत देबब्रत सेन ने सोमवार को बताया कि ये सभी 300 भारय नागरिक चालक दल का हिस्सा हैं.

दुर्घटनाग्रस्त कोस्टा कॉनकोर्डिया जहाज़ में 4000 से अधिक लोग सवार थे और शुक्रवार की रात यह तट के पास पत्थरों से टकरा गया था.

भारतीय राजदूत ने बताया कि अभी तक छह लोगों की मौत हुई है और 15 लोग लापता हैं लेकिन सभी भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘ हम भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता मुहैय्या करा रहे हैं. अच्छी बात ये है कि कोई भारतीय नागरिक हताहत नहीं हुआ है. उनकी ज़रुरतों और इच्छा के अनुसार उनकी मदद की जाएगी.’’

इटली की राजधानी रोम में भारतीय दूतावास के काउंसलर सुनील अग्रवाल के अनुसार भारतीय नागरिकों को यात्रा दस्तावेज़ मुहैय्या कराए जाएंगे और कोशिश की जाएगी कि जहाज़ के मालिकों से नागरिकों की तनख्वाह दिलवाने की व्यवस्था की जाए.

कैप्टन ने की ग़लती

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Image caption कप्तान का कहना है कि उसने कोई गलती नहीं की है.

इस बीच जहाज़ के कैप्टन पर गंभीर आरोप लगे हैं लेकिन कैप्टन का कहना है कि दुर्घटना के लिए वो ज़िम्मेदार नहीं हैं बल्कि उन्हें रास्ते का जो चार्ट दिया गया था वो ग़लत था.

कैप्टन का कहना था, ‘‘ मुझे नहीं पता कि इन पत्थरों के बारे में किसी को पता था या नहीं. नॉटिकल चार्ट में पत्थरों से डेढ़ सौ मीटर ऊपर पानी बताया गया था और हम समुद्र तट से क़रीब 300 मीटर ऊपर थे. टकराने की संभावना ही नहीं थी.’’

जहाज़ चलाने वाली कंपनी कोस्टा क्रोसियर ने एक बयान जारी कर कहा है कि ऐसा लगता है कि जहाज़ के कैप्टन ने ग़लती की है.

कोस्टा क्रोसियर ने एक बयान जारी कर कहा है कि कैप्टन संभवत जहाज़ को ज़मीन के बहुत करीब ले गए और कंपनी की आपातकालीन प्रक्रिया को नहीं माना है. कैप्टन ने फैसला लेने में ग़लती की जिसके गंभीर परिणाम हुए हैं.