नाइजीरिया में आम हड़ताल स्थगित हुई

  • 16 जनवरी 2012
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Image caption राष्ट्रपति ने ये माना कि नाइजीरिया के कई भागों में हड़ताल के कारण क़ानून व्यवस्था डगमगा गई है

पेट्रोल के दामों में कटौती की नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन की घोषणा के बाद यूनियन ने आम हड़ताल को फ़िलहाल स्थगित करने की घोषणा की है.

नाइजीरिया में पिछले दिनों पेट्रोल पर से सब्सिडी हटा दी गई थी, जिसके बाद पेट्रोल के दाम दोगुने हो गए थे.

नाराज़ जनता और यूनियनों ने पिछले हफ़्ते देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किए और रविवार को इस बाबत सरकार की यूनियन के साथ हुई वार्ता विफल रही थी.

नाइजीरिया की सरकार ने सब्सिडी हटाने का फ़ैसला ये कह कर किया था कि सब्सिडी से सरकारी कोष पर आठ अरब डॉलर का भार पड़ता है और इस सब्सिडी को हटा कर इस धन का इस्तेमाल दूसरी कल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकता है.

राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने टेलीविज़न पर घोषणा करते हुए ये माना कि लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पेट्रोल के दाम में 30 प्रतिशत कटौती करने का फ़ैसला किया है.

उन्होंने कहा, “सरकार पेट्रोलियम सेक्टर पर से नियंत्रण हटाने का काम जारी रखेगी. लेकिन लोगों की समस्याओं को देखते हुए हमने अपने निर्णय पर पुनर्विचार किया और प्रांतीय गवर्नरों से बातचीत के बाद सरकार ने फ़ैसला किया है कि पेट्रोल अब 97 नायरा प्रति लीटर के दाम पर बिकेगा. मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप इस फ़ैसले के पीछे की मजबूरी को समझें और इस फ़ैसले के क्रियान्वयन में हमारा सहयोग करें. मेरी आपसे ये भी अपील है कि आप काम पर वापस लौट आएं क्योंकि सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं.”

यूनियन का कड़ा रुख

नाइजीरिया में सरकारी सब्सिडी के दौर में पेट्रोल का दाम 0.40 डॉलर प्रति लीटर था, लेकिन जब सरकार ने सब्सिडी हटाई तो दाम दोगुने होकर 0.86 डॉलर पर पहुंच गए थे.

सरकार की ताज़ा घोषणा के बाद पेट्रोल के दाम 0.60 डॉलर प्रति लीटर कर दिए गए हैं.

नाइजीरिया की मुद्रा में बात की जाए, तो एक जनवरी को पेट्रोल पर से सब्सिडी हटाए जाने के बाद पेट्रोल के दाम 65 नायरा से बढ़ कर 140 नायरा पर पहुंच गए थे.

नाइजीरिया के काडुना प्रांत के पूर्व गवर्नर ने सरकार-विरोधी प्रदर्शनों में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था.

उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, “राष्ट्रपति का बयान कतई प्रोत्साहित करने वाले बयानों में से नहीं था. उनके इस बयान से हालात बिल्कुल नहीं बदलेंगें.”

उन्होंने मांग की कि पेट्रोल के दाम को वापस 65 नायरा प्रति लीटर किया जाए.

आर्थिक नुक़सान

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Image caption आर्थिक राजधानी लागोस में राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन जारी हैं

राष्ट्रपति की घोषणा से पहले सुरक्षा कारणों से यूनियनों ने अपने विरोध प्रदर्शनों को वापस ले लिया था, लेकिन चेतावनी दी थी कि आम हड़ताल जारी रहेगी.

लेकिन अब मज़दूर संगठनों ने कहा है कि वे तेल की बढ़ी क़ीमतों को लेकर हो रही आम हड़ताल फ़िलहाल रोक रहे हैं.

नाइजीरिया दुनिया का आठवां सबसे बड़ा तेल निर्यात करने वाला देश है. बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोगों को यहां बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है.

इस तेल समृद्ध देश के लोगों को यहां रहने का यही फ़ायदा था कि उन्हें सस्ता तेल मिलता था. राष्ट्रपति जोनाथन ने ये माना कि नाइजीरिया के कई भागों में हड़ताल के कारण क़ानून व्यवस्था डगमगा गई है.

आर्थिक राजधानी लागोस में सेना के कई चेक प्वाइंट्स देखे जा रहे हैं. ऐसी ख़बरें हैं कि सोमवार को लागोस में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया.

हफ़्ते से ज़्यादा चली इस हड़ताल के चलते नाइजीरिया की अर्थव्यवस्था को अब तक अरबों डॉलर का नुक़सान हो चुका है.

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