चुनाव आयोग ने दी मायावती को नसीहत

  • 18 जनवरी 2012
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Image caption एसवाई क़ुरैशी, मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को सरकारी पार्कों में उनकी प्रतिमाओं और बसपा के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियों को ढकने संबंधी चुनाव आयोग के आदेश की आलोचना करने से पहले सोच विचार करना चाहिए.

संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ नेता हैं. मैं क्या कह सकता हूं. उन्हें ऐसा बोलने से पहले सोच विचार करना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए क्योंकि अन्य राजनीतिक दल भी अपने चुनाव चिह्न को प्रदर्शित करने के लिए सरकारी पार्कों में ऐसे मंच की मांग उठा सकते हैं.

क़ुरैशी का कहना था कि ऐसी स्थिति में हम उन्हें क्या जवाब देंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर बल देते हुए कहा, ''हम मुख्यमंत्रियों, प्रधानमंत्री और सत्तारुढ़ दल के नेताओं की तस्वीरें दफ्तरों से हटाने को कहते हैं. यदि वे हटने के लायक नहीं होतीं तब हम उन्हें ढकने को कहते हैं.''

उनका कहना था कि सिर्फ़ इसलिए किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न या उसके नेता की मूर्ति को ढकने की इजाज़त से रोका जा सकता है कि वे आकार में बड़े और भव्य हैं.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने चुनाव आयोग के इस फ़ैसले को एकतरफ़ा और पार्टी के संस्थापक कांशीराम का अपमान क़रार दिया था.

ग़ौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पिछले दिनों आदेश दिया था कि उत्तर प्रदेश में चुनाव होने तक बीएसपी की नेता मायावती और हाथी की मूर्तियों को ढक दिया जाए.

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