सीरिया में निगरानी मिशन जारी रखने पर विचार

  • 21 जनवरी 2012
सीरिया में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट AP
Image caption प्रदर्शनकारियों ने अरब लीग पर पर्याप्त दवाब ना डाल पाने का आरोप लगाया है.

हिंसा के बीच अरब लीग में अब इस बात पर बहस चल रही है कि सीरिया में विवादास्पद निगरानी मिशन को जारी रखा जाए या नहीं.

मिस्र की राजधानी काहिरा में निगरानी मिशन के प्रमुख की रिपोर्ट पर शनिवार को चर्चा होने वाली है. इसके बाद रविवार को अरब लीग के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी.

165 सदस्यों वाली निगरानी मिशन का कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हो गया था लेकिन सीरिया में सरकार द्वारा विपक्षी प्रदर्शनकारियों का दमन अब भी जारी है.

जानकारों का कहना है कि मिशन का कार्यकाल एक और महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है.

हिंसा जारी

उधर सीरिया में शुक्रवार को भी हिंसा जारी रही. कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुरक्षाबलों ने सात लोगों की मार दिया है.

निगरानी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को बताया गया है कि इस महीने चार सौ लोगों की मौत हुई है.

संयुक्त राष्ट्र पहले ही कह चुका है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के विरुद्ध पिछले साल मार्च में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से अबत पांच हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

सीरिया की राजधानी दमिश्क में सरकार का कहना है कि सुरक्षाबलों के क़रीब दो हज़ार सैनिक ‘हथियारबंद गुटों और आतंकवादियों’ के हाथों मारे जा चुके हैं.

एक अन्य घटनाक्रम में अमरीका ने कहा है कि बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच वो दमिश्क में अपना दूतावास बंद करने पर विचार कर रहा है.

वॉशिंगटन में अधिकारियों ने कहा है कि वो सीरियाई अधिकारियों के अलावा चीनी और ब्रितानी सरकारें से भी इस विषय पर बात कर रहे हैं लेकिन फ़िलहाल अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.

संवेदनशील मुद्दा

अरब लीग की निगरानी मिशन के प्रमुख सुडान के जनरल मोहम्मद अल-दाबी इस संवेदनशील मुद्दे पर काहिरा में अपने विचार रखने वाले हैं.

इससे पहले क़तर के प्रधानमंत्री शेख़ हमाद अल-थानी ने सीरिया में अरब शांति सेना भेजने का सुझाव दिया था जिसे दमिश्क ने ख़ारिज कर दिया था.

काहिरा में बीबीसी संवाददाता के अनुसार निगरानी मिशन के विकल्प को लेकर कोई साफ़ विचार सामने नहीं आ रहा है.

अरब लीग के अधिकारी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि निगरानी मिशन का कार्यकाल एक और महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है और पर्यवेक्षकों की संख्या को भी दोगुना किया जा सकता है.

पिछले सप्ताह काहिर में अरब लीग के अधिकारी अदनान अल-ख़ुदैर ने कहा था कि अंतिम निर्णय आने तक सीरिया की सत्रह जगहों पर पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे.

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