क़ैदी की मौत के बाद क्यूबा ने स्पष्टीकरण दिया

  • 21 जनवरी 2012
विलमन विलार इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption विलार की 50 दिनों की भूख हड़ताल के बाद मृत्यु हुई

क्यूबा की सरकार ने भूख हड़ताल से मारे जाने वाले एक राजनीतिक क़ैदी के मामले में अपना बचाव किया है.

राजनीतिक क़ैदी विलमन विलार 50 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और गुरूवार को उनकी मृत्यु हो गई.

अधिकारियों का कहना था कि विलमन विलार को एक सप्ताह पहले ही जेल से अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.

उन्होंने विस्तार से बताया कि विलमन विलार को किस-किस तरह के इलाज मुहैया करवाए गए थे.

गिरफ़्तार

विलार को नवंबर में सैंटियागो द क्यूबा सूबे में हुए एक सरकार विरोधी प्रर्दशन के बाद गिरफ़्तार किया गया था.

हालांकि बाद में अन्य लोगों को जल्द ही रिहा कर दिया गया, विलार पर मुक़दमा चलाया गया और उन्हें पहले किए गए एक जुर्म के आधार पर जेल में डाल दिया गया.

उन्हें चार साल की सज़ा सुनाई गई थी, जिसके विरोध में उन्होंने हड़ताल शुरू कर दिया था.

दमन

अमरीका ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि विलार की मौत बेवजह हुई और ये इस बात का सबूत है कि क्यूबा की जनता का दमन जारी है.

क्यूबा ने कहा है कि अमरीका साम्यवादी देश के ख़िलाफ़ पांच दशकों से जारी आर्थिक प्रतिबंधो को उचित ठहराने के लिए इस घटना क सहारा ले रहा है.

विलमन विलार की मौत पिछले दो सालों में इस तरह का दूसरा मामला है.

साल 2010 में राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई की मांग करनेवाले ऑर्लैंडो ज़पाटा की भी मौत लंबी भूख हड़ताल के बाद हो गई थी.

उन क़ैदियों की रिहाई बाद में चर्च की मदद से संभव हो पाई.

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