बढ़ सकती है सीरिया के मिशन की अवधि

  • 22 जनवरी 2012
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Image caption संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों और सैनिकों के बीचॉ झड़प में अब तक 5,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

सीरिया में जारी हिंसा को देखते हुए अरब लीग के विदेशी मंत्री वहां जारी निगरानी मिशन की अवधि बढ़ाने पर अपना फ़ैसला लेने वाले हैं.

इस बाबत मिस्र की राजधानी काहिरा में एक रिपोर्ट पर चर्चा होने वाली है.

गत गुरुवार को 165 सदस्सीय निगरानी मिशन की अवधि समाप्त हो गई थी, हालांकि सरकार का प्रदर्शनकारियों पर ज़ुल्म अब भी जारी है.

सरकारी सैनिकों और विरोध प्रदर्शनकारियों के बीच जारी संघर्ष पर लगाम कसने के लिए अरब लीग ने सीरिया में अपना निगरानी मिशन भेजा था.

लेकिन हिंसा रोकने में नाकाम होने की वजह से निरीक्षकों की आलोचना की जा रही है.

विश्लेषकों का कहना है कि अरब लीग अपने इस मिशन की अवधि एक महीने के लिए बढ़ा सकती है.

पिछले दिनों सीरियाई सेना के कुछ सैनिक पाला बदल कर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सड़कों पर उतर गए थे.

सीरिया में विरोधियों का कहना है कि शनिवार को सेना के विद्रोहियो के साथ मिल कर उन्होंने दमिश्क के उपनगर दौमा पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

सीरिया के मानवाधिकार निरीक्षक संस्था ने कहा कि बाद में विद्रोहियों ने सरकारी सेना के डर से पीछे हटने का फ़ैसला किया.

हिंसा जारी

उधर उत्तर-पश्चिमि सीरिया में क़ैदियों से भरी एक पुलिस वैन में विस्फोट होने के बाद 14 लोगों की मौत हो गई.

सरकारी न्यूज़ एजेंसी सना ने कहा कि पुलिस वैन पर हमला हथियारबंद गुट ने किया.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इदलिब के नैश्नल अस्पताल में 30 लाशें पाई गई हैं, जिनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पिछले साल मार्च में सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों और सैनिकों के बीच शुरू हुई झड़प में अब तक 5,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

दमिश्क में सरकार का कहना है कि ‘हथियारबंद गैंग और चरमपंथियों’ के साथ हुई मुठभेड़ में 2,000 सैनिक भी मारे गए हैं.

कतर ने हाल ही में सुझाव दिया था कि वो सीरिया में अरब शांति स्थापित करने के लिए कुछ सैनिक भेजेगा, लेकिन दमिश्क ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.

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