गिरफ़्तारी की आशंका के बीच वापस लौटे लेखक

ब्रितानी लेखक सलमान रुश्दी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption सलमान रुश्दी के प्रतिबंधित उपन्यास द सैटेनिक वर्सिस के अंश पढ़ने से जयपुर साहित्य महोस्तव में बवाल मच गया है.

ब्रितानी लेखक सलमान रुश्दी का प्रतिबंधित उपन्यास, द सैटेनिक वर्सेस, के कुछ अंश पढ़ने वाले चार लेखक गिरफ्तारी की आशंकाओं के बीच वापस लौट गए हैं.

द सेटेनिक वर्सेस भारत में प्रतिबंधित है. पुस्तक के लेखक को न आने देने की कुछ संगठनों की मांग और उसके बाद रुश्दी की सुरक्षा को लेकर विवाद के बाद चार लेखकों ने इस पुस्तक के कुछ अंश महोत्सव में पढ़े थे.

रुचिर जोशी, जीत थायिल, हरी कुंज़रू और अमिताभ कुमार 21 और 22 जनवरी को महोत्सव को बीच में छोड़ गए.

महोत्सव के आयोजक संजय रॉय ने इन चारों के जाने की वजह तो नहीं बताई लेकिन ये ज़रूर कहा कि जयपुर पुलिस ने उस सत्र की टेप मांगी थी जिसमें सैटेनिक वर्सेस के अंश पढ़े गए. रॉय ने ये भी बताया कि इन लेखकों को मुद्दों से अवगत कराने के लिए आयोजक इनसे शनिवार दोपहर और रविवार को फिर से मिले थे.

जीत थायिल ने अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया, "हमें हिरासत में लिए जाने की आशंका थी......इसलिए आयोजकों ने हमें महोत्सव छोड़ कर जाने की सलाह दी."

बवाल की शुरुआत

शनिवार शाम को लेखक हरि कुंजरू और अमिताभ कुमार ने सैटनिक वर्सेज़ के कुछ अंश पढ़कर सुनाए थे.

हरि कुंज़रू ने कहा कि सलमान रुश्दी कुछ लोगों के विरोध की वजह से जयपुर साहित्य समारोह में नहीं आ पा रहे हैं, ये साहित्य के लिए अच्छी बात नहीं और वो इस पूरे प्रसंग का विरोध करते हैं, इसीलिए सैटनिक वर्सेज़ के कुछ अंश पढ़कर वो अपना विरोध जताना चाहते हैं.

लेकिन इसके बाद ही इस मामले को लेकर बवाल पैदा हो गया.

तमाम मीडिया चैनलों में ख़बर दिखाए जाने के बाद आयोजकों ने मीडिया संस्थानों को एक ईमेल लिख कर स्पष्टीकरण दिया कि हरि कुंज़रू और अमिताभ कुमार ने जो कुछ भी किया उसमें समारोह के आयोजकों की कोई सहमति नहीं है और इस पूरे कृत्य के लिए दोनों लेखक स्वयं ज़िम्मेदार हैं.

बात का बतंगड़

महोत्सव शुरु होने के पहले से ही सलमान रुश्दी के आने को लेकर ऊहापोह की स्थिति थी. महोत्सव शुरु होने से एक दिन पहले आयजकों की ओर से कहा गया कि "अगले कुछ दिन तक जयपुर आने का उनका कोई कार्यक्रम नहीं है, हालांकि साहित्य महोत्सव की तरफ़ से उन्हें दिया गया निमंत्रण बरकरार है.''

फिर 20 जनवरी को रुश्दी ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर बयान जारी कर कहा कि महाराष्ट्र और राजस्थान के ख़ुफ़िया सूत्रों से उन्हें ख़बर मिली है कि मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुछ लोग उन्हें मारने के लिए पैसे लेकर निकल चुके हैं. हालांकि उन्हें इसके सही होने का पूरा यक़ीन नहीं है.

उस दिन खुलकर ये नहीं बताया गया था कि आख़िर ये जानकारी सलमान रुश्दी को किस ख़ुफ़िया सूत्र से मिली है.

विवाद ने उस समय और भी तूल पकड़ा जब रविवार को सलमान रुश्दी ने ट्विटर पर लिखा कि राजस्थान पुलिस ने उनकी जान को ख़तरा वाली बात बताकर उन्हें गुमराह किया ताकि वो साहित्य महोत्सव में न आ पाएं.

इस बारे में राजस्थान पुलिस का कहना है कि उनका सलमान रश्दी के साथ किसी माध्यम से कोई संपर्क हुआ ही नहीं है.

वहीं राजस्थान सरकार ने रविवार रात एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें कहा गया था, "इंटेलिजेंस ब्यूरो ने महोत्सवों के आयजकों के साथ सलमान रुश्दी की जान को ख़तरे के बारे में पक्की जानकारी बांटी थी."

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