'स्वर्ण मंदिर पर टिप्पणी से भारत नाराज़'

Image caption स्वर्ण मंदिर

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के बारे में अमरीकी टेलीविज़न के मशहूर कार्यक्रम प्रस्तुतकर्ता जे लेनो की टिप्पणी पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है.

एनबीसी चैनल पर प्रसारित होने वाले ‘द टूनाइट शो’ के प्रस्तुतकर्ता लेनो ने सिखों के पवित्र स्थान ‘स्वर्ण मंदिर’ की तस्वीर दिखाई थी और इसे रिपब्लिकन पार्टी की ओर से अमरीकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल उम्मीदवार मिट रोमनी का संभावित ग्रीष्मकालीन आवास बताया था.

अमरीका की यात्रा पर गए प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि ने रविवार को इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्होंने अमरीका में नियुक्त भारत की राजदूत निरुपमा राव को अमरीका विदेश मंत्रालय के समक्ष इस विषय को उठाने का निर्देश दिया है.

भारतीय संवाददाताओं से बातचीत में रवि ने कहा, ‘‘यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है कि स्वर्ण मंदिर को दिखाने के बाद इस तरह की टिप्पणी की गई.’’

आपत्ति

वायलार रवि ने कहा, ‘‘स्वर्ण मंदिर सिख समुदाय का सबसे पवित्र स्थान है. यहां तक कि हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी नववर्ष के मौक़े पर वहां प्रार्थना करने गए थे. मेरा मानना है कि जिस व्यक्ति ने इसे दिखाया, वह इसके बारे में अनजान नहीं था. अमरीका सरकार को भी इस तरह की चीज़ पर विचार करना चाहिए.’’

उनका कहना था कि हालांकि उन्होंने ख़ुद इस कार्यक्रम को नहीं देखा है और इसके बारे में उन्हें सिख समुदाय के लोगों से जानकारी मिली है.

उन्होंने कहा कि आज़ादी का ये मतलब नहीं कि आप किसी की भावनाओं को आहत करें और तरह की हरकत क़तई बर्दाश्त नहीं की जा सकती.

19 जनवरी को प्रसारित हुए लेनो के इस शो पर यहां के सिख समुदाय में बहुत ही कड़ी प्रतिक्रिया हुई है. सिख समुदाय ने लेनो के ख़िलाफ़ एक ऑनलाइन याचिका भी दायर की है. साथ ही फ़ेसबुक पर भी अपने ग़ुस्से को प्रदर्शित करने के लिए एक पेज बनाया गया है.

फ़िलहाल इस मामले में जे लेनो की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

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