ईरान: 'तेल आयात पर प्रतिबंध गलत '

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Image caption ईरान ने यूरोपीय संघ के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की निंदा करते हुए कहा है कि ये अनुचित हैं

ईरान ने यूरोपीय संघ के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की निंदा करते हुए कहा है कि ये अनुचित हैं.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त का कहना है कि ये प्रतिबंध ईरान को प्रगति करने के उसके बुनियादी अधिकार से वंचित नही कर सकते.ये अप्रभावी ही साबित होंगें.

इससे पहले यूरोपीय संघ ने ईरान के ख़िलाफ़ लगाए जाने वाले कड़े प्रतिबंधों को मंज़ूरी दी जिसके तहत ईरान से कच्चे तेल के आयात और यूरोपीय संघ के देशों में ईरान के केंद्रीय बैंक की परिसंपत्ति को सील कर दिया जाना शामिल है.

अमरीका ने पहले ही इसी तरह के प्रतिबंध लगाए थे लेकिन यूरोपीय संघ का प्रतिबंध इसलिए ज़्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यूरोपीय संघ ईरान से 20 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है.

इससे पहले प्रतिबंधों की वकालत करते हुए फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने कहा कि वो ईरान का परमाणु हथियार हासिल करना स्वीकार नही कर सकते.

उधर अमरीका ने इन प्रतिबंधों का स्वागत किया है.

अमरीका के इशारे पर

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय अधिकारी और अन्य देश अमरीका के राजनीतिक दबाव में हैं और उन्हें अपने राष्ट्रीय हितों के बारे में सोचना चाहिए. ईरान से तेल आयात पर रोक लगाकर उन्हें अमरीका के छिपे मकसद को समझना चाहिए.

सोमवार को यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने ब्रसेल्स में औपचारिक रुप से ईरान पर प्रतिबंधों को स्वीकार कर लिया.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और जर्मन चांसलर ऐंगला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सरकोज़ी ने एक साझे बयान में कहा कि ईरान अपने परमाणु हथियार पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास हासिल करने में असफल रहा है.

इन नेताओं ने कहा कि वो ईरान को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रुप में स्वीकार नही कर सकते. ईरान को अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से कोई मतलब नही है और वो क्षेत्र के लिए ख़तरा बनता जा रहा है.

ईरान का कहना है कि वो परमाणु हथियारों को विकसित नही कर रहा.

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