'इमप्लांट' कंपनी के मालिक गिरफ़्तार

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Image caption जॉं क्लाउड मास ने पीआईपी की स्थापना 1991 में की थी

पुलिस ने फ्रांसीसी कंपनी पॉली इमप्लांट प्रोथीज़ यानी पीआईपी के मालिक जॉं क्लाउड मास को गिरफ़्तार कर लिया है.

पीआईपी के ऊपर स्तन में लगाए जाने वाले इमप्लांट के लिए घटिया माल सप्लाई करने का आरोप है.

पुलिस ने इस मामले में पिछले साल जांच शुरू की थी.

पीआईपी पर आरोप है कि प्रतिरोपण किए जाने वाले स्तन में घटिया जेल का इस्तेमाल किया और इस बात को माल को प्रमाणित करने वाली कंपनी से जानबूझकर छिपाया.

घटिया मिश्रण

पेरिस से बीबीसी संवाददाता क्रिसटियन फ्रेज़र का कहना है कि दुनिया भर में तक़रीबन साढ़े चार लाख महिलाओं ने कंपनी द्वारा निर्मित सिलिकॉन प्रतिरोपित करवाए हैं और ब्रिटेन में ही ऐसी महिलाओं की संख्या 45 हज़ार के आसपास है.

कंपनी ने इसे तैयार करने के लिए जिस 'जेल' यानी एक तरह के तरल मिश्रण का प्रयोग किया उनका इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में किया जाता है.

इस तरह के जेल प्राय: गद्दों में भरे जाते हैं.

हिक़ारत

पुलिस ने जॉं क्लाउड मास से पूछा कि वो पीड़ित लोगों से क्या कहना चाहते हैं जिसके जवाब में उन्होंने हिक़ारत भरे लहजे में कहा कि "वो सिर्फ़ पैसे बनाने की गरज़ से इस तरह की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं."

सवाल जवाब के दौरान उन्होंने माना कि श्रमिकों को हिदायत थी कि जब अधिकारी फैक्ट्री का दौरा करें तो ग़ैर-कानूनी ढंग से उपलब्ध कराए गए सिलिकॉन को छुपा दिया जाए.

उन्होंने कहा कि ऐसा 13 सालों तक होता रहा.

बहत्तर साल के मास पिछले साल ये मामला सामने आने के बाद से ग़ायब थे.

उनके ऊपर हत्या और धोखाधड़ी का मामला चलाया जा सकता है.

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