इतिहास के पन्नों में 28 जनवरी

  • 28 जनवरी 2012

अगर इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें तो 28 जनवरी यानि आज के दिन ही अमरीकी अंतरिक्ष यान में हुए विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी और रोमानिया में सरकार में बदलाव की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन हुए थे.

1986: अंतरिक्ष यान दुर्घटना में सात की मौत

Image caption यान उड़ान भरने के 72 सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

अमरीकी अंतरिक्ष यान, चैलेंजर, ने फ़्लोरिडा के केप कैनेवरल से उड़ान भरी ही थी कि उसमें कुछ ख़राबी आ गई और यान में विस्फ़ोट हो गया.

यान में सवार सातों अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई.

यान से गिर रहे मलबे के कारण बचाव कार्य में लगे दल समय रहते वहां पहुंचने में नाकामयाब रहे.

चुंकि यान बेस से उड़ान भर रहा था इसलिए टेलीवीजन स्टेशनों के दल वहां मौजूद थे, दर्घटना और उससे जुड़े सारे दृश्य आम लोगों ने सीधे अपनी टीवी पर देखे.

इससे पहले अंतरिक्ष के बारे में और जानकारियां जुटाने के 25 साल के इतिहास में सिर्फ़ सात लोगों की मौत हुई थी. इस दुर्घटना के साथ ही ये संख्या दोगनी हो गई.

राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने इसे "राष्ट्रीय क्षति" कहा.

इस यान का सफ़र पहले ही कई बार टल चुका था. फिर भी अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का कहना था कि उनपर यान को जल्दी उड़ाने के लिए किसी तरह का कोई दबाव नहीं था और उन्होंने सुरक्षा के सभी मानकों को ध्यान में रखा था.

1990: रोमानिया में सत्ता परिवर्तन की मांग

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption रोमानिया में विद्रोह महीनों से चल रहा था.

राजधानी बुख़ारेस्ट में हज़ारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर यॉन ईलचेस्कु की अंतरिम सरकार के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन किए.

कहा गया था कि ये पूर्व साम्यवादी तानाशाह निकोलाई चाउचेश्कु के ख़िलाफ़ महीने भर पहले हुए विद्रोह के बाद से वहां हुआ सबसे बड़ा विरोध-प्रदर्शन था.

महीने भर पहले हुए विद्रोह का नतीजा था निकोलाई चाउचेश्कु की सरकार का अंत, और उनकी मौत.

प्रदर्शनकारी विक्टरी सक्वायर में जमा हो गए. यॉन ईलचेस्कु की नेशनल साल्वेशन फ्रंट पार्टी का मुख्यालय यहीं स्थित था.

लोग ईलचेस्कु के इस्तीफ़े और पार्टी से सभी पूर्व साम्यवादियों को निकालने की मांग कर रहे थे.

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अंतरिम राष्ट्रपति विरोधी राजनीतिक दलों को बराबरी का मौक़ा नहीं दे रहे हैं जिससे मई में होने वाले चुनाव निष्पक्ष तरीक़े से नहीं हो पाएंगे.

राष्ट्रपति यॉन ईलचेस्कु ख़ुद ही पार्टी कार्यालय की बालकनी में आए और उन्होंने वादा किया कि वो विरोधी दलों से बातचीत जारी रखेंगे.

ये रोमानिया मे दिसंबर में हुए विद्रोह का ही हिस्सा माने गए.

संबंधित समाचार