इतिहास के पन्नों में 31 जनवरी

  • 31 जनवरी 2012

इतिहास में आज का दिन कई कारणों से याद किया जाएगा. वर्ष 1996 में श्रीलंका में हुए आत्मघाती हमले में 91 लोग मारे गए थे. 1953 में हुई नाव दुर्घटना में 130 लोगों की मौत हो गई.

1996: श्रीलंका में आत्मघाती हमले में 91 की मौत

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Image caption केंद्रीय बैंक पर धमाके के बाद भी तमिल टाइगरों ने अपनी चरमपंथी कार्रवाइयों का सिलसिला जारी रखा.

आज ही के दिन श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुए एक आत्मघाती हमले में 91 लोग मारे गए थे और 1,400 से ज़्यादा ज़ख्मी हो गए.

ये धमाका उस वक्त हुआ जब बारूद से भरी एक लॉरी कोलंबो के केंद्रीय बैंक से टकरा गई.

अधिकारियों ने धमाकों के लिए अलगाववादी चरमपंथी संगठन तमिल टाइगर्स को ज़िम्मेदार ठहराया.

इस धमाके के बाद भी तमिल टाइगरों ने अपनी चरमपंथी कार्रवाइयों का सिलसिला जारी रखा. उन्होंने एक भी़ड़भा़ड़ वाली ट्रेन में एक और धमाके को अंजाम दिया जिसमें 78 लोग मारे गए.

इन चरमपंथी घटनाओं के बाद श्रीलंका आने वाले सैलानियों की संख्या में 40 प्रतिशत तक की कमी आई. सैलानियों की घटती संख्या को रोकने के लिए होटल मालिकों ने कीमतों में कमी की और कई सौ कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया.

श्रीलंका में सिंहलों के बहुमत वाली सरकार और अल्पसंख्यक तमिल विद्रोहियों के बीच संबंध अच्छे नहीं रहे हैं. सत्तर के दशक से तमिल विद्रोही एक अलग देश की मांग करते रहे हैं.

वर्ष 2002 में ऐसा लगा कि सरकार और विद्रोहियों के बीच नार्वे की सरकार की मदद से समझौता हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

1953: नौका दुर्घटना में 130 की मौत

आज ही के दिन आईरिश समुद्र में नौका दुर्घटना में कम से कम 130 यात्रियों और नाविकों की मौत हो गई थी.

ब्रितानी नौका प्रिंसेज़ विक्टोरिया उत्तरी आयरलैंड जा रही थी जब ये दुर्घटना घटी.

समुद्र से 67 शव मिल सके. रिपोर्टों के मुताबिक़ 177 यात्रियों इस नाव में सवार थे, जिनमें से मात्र 44 ही बच पाए.

जाँच में पाया गया कि बचाव के लिए भेजा गया जहाज़ एचएमएस कॉन्टेस्ट काफ़ी देर से पहुँचा.

जाँच में नाव के मालिकों को, उसकी ख़राब बनावट के लिए ज़िम्मेदार पाया गया.

नाव के रेडियो ऑपरेटर डेविड ब्रोडफ़ुट को बहादुरी के लिए मरणोपरांत जॉर्ज क्रॉस से सम्मानित किया गया.

अपने आखिरी वक्त तक ब्रो़डफ़ुट सहायता के लिए संदेश भेज रहे थे.

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