प्रचंड का 'शाही' घर सवालों के घेरे में

Image caption पुष्प कमल दहल नेपाल में माओवादियों के बड़े नेता हैं

नेपाल के माओवादी नेता पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' के रहन-सहन के शाही अंदाज़ ने देश के स्थानीय मीडिया में एक नई बहस छेड़ दी है. सवाल प्रचंड के अत्याधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न उस नए घर पर उठ रहे हैं जो राजधानी काठमांडू के बीचोबीच बना है.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 'प्रचंड' का लज़ीमपाट स्थित नया घर इस तरह बनाया गया है जिसमें निवास और कार्यालय के लिए अलग-अलग व्यवस्था है. इतना ही नहीं, इस परिसर में एक स्वीमिंग पूल और बैडमिंटन कोर्ट भी है.

निवास स्थान प्रचंड के परिवार के लिए आरक्षित है जबकि कार्यालय परिसर में 15 कमरे हैं जो उनके सचिवालय और सुरक्षाकर्मियों के लिए हैं.

आख़िर किसका है मक़ान

'प्रचंड' के पुत्र प्रकाश ने फ़ेसबुक पर इस घर को किराए का बताते हुए कहा है कि उनके पिता सुरक्षा कारणों से यहां रहने गए हैं.

प्रकाश का कहना है कि 'प्रचंड' इससे पहले जिस घर में रहते थे, वो भी किराए का था लेकिन वो उनके पिता के क़द के हिसाब से नहीं था.

'प्रचंड' के नए घर में पॉर्किंग की ऐसी व्यवस्था है कि दस गाड़ियों को एक साथ आराम से खड़ा किया जा सकता है.

उनके पड़ोस में सेवानिवृत्त जनरल शांता कुमार माल्ला का घर है जो कभी किंग बीरेंद्र के क़रीबी होते थे.

पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि प्रचंड इस घर का मासिक किराया साठ हजार रूपए देते हैं. लेकिन उनके पड़ोसी समीर दहल का कहना है कि इस घर के लिए पांच साल के एक क़रार पर दस्तख़त किए गए हैं और किराया अभी तय नहीं किया गया है.

दैनिक नागरिक अख़बार का कहना है कि इस घर का किराया एक लाख तीन हज़ार रूपए महीना है.

वहीं साप्ताहिक टैब्लॉयड संघु का दावा है कि 'प्रचंड' ने इस घर को एक अरब रूपए से ज़्यादा में ख़रीदा है जो उस इलाक़े के दाम से कहीं कम है.

टैब्लॉयड का ये भी कहना है कि ये सम्पत्ति दरअसल नवल सिंघानिया अग्रवाल की है जिसे 29 जुलाई 2011 में शिशु अरयाल नामक एक व्यक्ति को हस्तातंरित किया गया था.

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