'राम मंदिर पर कांग्रेस ने की अदालत की अवमानना'

  • 1 फरवरी 2012

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा है कि बाबरी मस्ज़िद को लेकर कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र में कही गई बातें अदालत की अवमानना हैं.

नितिन गडकरी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर क़ानूनी सलाह लेकर आगे की रणनीति बनाएगी.

गडकरी ने कहा, ''इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश से स्पष्ट है कि जिस जगह रामलला विराजमान हैं वह राम जन्मभूमि ही है. इसके बावजूद कांग्रेस उसे बाबरी मस्ज़िद बता रही है जो अदालत की अवमानना है.''

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है.

अदालत की अवमानना

गडकरी ने कहा, ''राम जन्मभूमि परिसर को विवादित स्थल का नाम देकर और उसकी सुरक्षा की बात करके कांग्रेस ने अदालत का अपमान किया है और यह अदालत की मूल भावना के ख़िलाफ़ है.''

गडकरी ने राम को पूरे देश की अखंडता का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा, " यह हिंदू या मुस्लिम से जुड़ा मामला नहीं है. बीजेपी की नज़र में अयोध्या में सभी वर्गों के सहयोग से भव्य राम मंदिर का निर्माण होना चाहिये. यह पूरे देश के लोगों की इच्छा है.''

महत्वपूर्ण है कि कांग्रेस ने मंगलवार को जारी अपने चुनाव घोषणापत्र में कहा था कि बाबरी मस्ज़िद विवाद के न्यायसंगत समाधान की पैरवी की जाएगी.सभी दलों को अदालत के फ़ैसले का पालन करना होगा. यदि बातचीत के जरिये समाधान किया जाता है, तो वह विवाद से सम्बन्धित पक्षों के बीच होगा और इसकी क़ानूनी मंज़ूरी आवश्यक होगी.

धर्म आधारित आरक्षण

गडकरी ने अल्पसंख्यक आरक्षण के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा. उन्होंने कहा, ''क्या कांग्रेस की नज़र में पंडित नेहरू की कोई इज्ज़त नहीं रह गई है ?

संविधान सभा में नेहरू, सरदार पटेल, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और मौलाना आज़ाद समेत सभी प्रमुख सदस्यों ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था.''

गडकरी ने सवाल किया कि आख़िर धर्म आधारित आरक्षण लाने की इसी वक्त ज़रूरत क्यों पड़ी ? कांग्रेस ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसा किया है.''

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