भाजपा ने मांगा चिदंबरम का इस्तीफ़ा

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Image caption चिदंबरम को अभियुक्त बनाए जाने की याचिका पर फ़ैसला विशेष अदालत करेगी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए चिदंबरम के इस्तीफे की मांग की है.

बीजेपी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद तत्कालीन वित्तमंत्री और मौजूदा गृहमंत्री पी चिदम्बरम को अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पत्रकारों से मुख़ातिब होते हुए कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट का आदेश पत्र पढ़ने बाद ही कोई प्रतिक्रिया देगी.

ग़ौरतलब है कि 2जी मामले में अहम फ़ैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 कंपनियों के सभी 122 लाइसेंसों को अवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया है.

वाद-विवाद

राज्यसभा में नेता विपक्ष अरूण जेटली ने कहा, ''ये केवल एक व्यक्ति का निर्णय नहीं था ये सरकार का निर्णय था और मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार तत्कालीन संचार और वित्त मंत्री की विशेष ज़िम्मेदारी थी.''

जेटली ने कहा, ''फ़ैसले से केवल सरकार की नैतिकता पर ही प्रश्नचिन्ह नहीं लगा बल्कि दुनिया भर में भारत में पूंजी निवेश पर सवाल उठाए जाएंगे. ''

वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव शुक्ला का कहना है कि कपिल सिब्बल इस मामले की बारीक़ियों में जाएंगे और जो भी उचित होगा करेंगे.

उन्होंने विपक्ष को ही आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष किसी न किसी मंत्री के पीछे लगा रहता हैं और कुछ न कुछ बोलता रहता है.

सीपीएम नेता वृंदा करात का कहना है कि इस मामले में प्रधानमंत्री की भूमिका भी सवालों के घेरे में हैं.

उन्होंने कहा, ''ट्राई ने पहले ही 73 लाइसेंसों को रद्द करने की अनुशंसा की थी, लेकिन तत्कालीन दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने इसे नहीं माना.''

'क्या प्रधानमंत्री जवाबदारी लेंगे?'

मनमोहन सिंह सरकार को आज़ाद भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार बताने वाले बीजेपी के पुराने बयान को दोहराते हुए पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने चुटकी लेते हुए कहा, ''कुछ लोग टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों की गिरती कीमतों की बात कर रहे हैं, लेकिन भारत की ईमानदारी की साख़ का शेयर आज बहुत बढ़ गया है.''

Image caption घोटाले के वक्त पी चिदम्बर भारत के वित्त मंत्री थे

उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर सवाल दाग़ते हुए पूछा, ''क्या अब वे कोई जवाबदारी लेंगे. बीजेपी ही नहीं देश भी प्रधानमंत्री का जवाब जानना चाहता है.''

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस बारे में जवाब देने की मांग की.

बीजेपी के एक और नेता बलवीर पुंज ने कहा कि 2जी घोटाला देश के बड़े घोटालों में से एक है और लाइसेंस के सभी आवंटन ग़लत तरीक़े से किया गया था.

उन्होंने कहा, ''सभी 122 लाइसेंसों को ख़ारिज़ किए जाने से इस तथ्य की पुष्टि होती है۔''

बलवीर पुंज ने कहा, ''ये निष्कर्ष कोई भी निकाल सकता है कि राजा इस मामले में अकेले ज़िम्मेदार नहीं थे. उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है. इसके पीछे और भी लोग थे, ख़ासतौर पर उस समय के वित्त मंत्री पी चिदम्बरम जो इस घोटाले में पूरी तरह से शामिल थे. चिदम्बरम को दो दिन की राहत भर मिली है. निचली अदालत में इस मामले पर चार फरवरी को सुनवाई होगी.''

उन्होंने कहा, ''सार्वजनिक जीवन में शुचिता ये मांग करती है कि चिदम्बर को ख़ुद पद छोड़ देना चाहिए और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो प्रधानमंत्री को चिदम्बरम को फ़ौरन बर्ख़ास्त करने की राष्ट्रपति से अनुशंसा करनी चाहिए.''

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर असंतुष्टि जताते हुए बीजेपी सांसद और वरिष्ठ वक़ील राम जेठमलानी ने कहा कि इसके राजनीतिक परिणाम काफी गंभीर है.

राम जेठमलानी ने कहा, ''ये कैबिनेट की हार है और इस फ़ैसले के बाद सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है. कोई भी मंत्री पद पर आसीन रहकर ये नही कह सकता कि वो घोटाले को होते देखकर भी वो कुछ नहीं कर सकते थे.''

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