मिस्र: हिंसा के विरोध में हिंसा, 400 घायल

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Image caption प्रदर्शनकारियों ने सत्ता संभाल रहे सैन्य प्रशासन के ख़िलाफ़ नारे लगाए हैं

मिस्र में फ़ुटबॉल मैच के दौरान हुई हिंसा का विरोध करने के लिए काहिरा में इकट्ठे हुए लोगों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं. इसमें क़रीब 400 लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.

नाराज़ भीड़ को नियंत्रित करती पुलिस की गोली से स्वेज़ शहर में दो लोगों के मारे जाने की भी ख़बरें हैं.

काहिरा में हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी गृहमंत्रालय के सामने पहुँचकर प्रदर्शन कर रहे थे जहाँ पुलिस ने उन्हें क़ाबू में रखने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया.

इससे पहले मिस्र के प्रधानमंत्री ने फ़ुटबॉल मैच के दौरान हुई हिंसा के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त करने की घोषणा की थी.

बुधवार को पोर्ट शहर में फ़ुटबॉल मैच के दौरान काहिरा के क्लब अल-अहली और पोर्ट के क्लब अल-मसरी के प्रशंसकों के बीच हुई हिंसा में कम से कम 74 लोग मारे गए थे.

इनमें से कई लोगों की गुरुवार को अंत्येष्टि की गई.

विरोध प्रदर्शन

गुरुवार को विरोध जताने के लिए लोग तहरीर चौराहे के पास की गलियों में इकट्ठा हुए. इनमें अल अहली टीम के समर्थक भी थे और उन्होंने वाहनों का सहारा लेकर चौराहे को बंद कर दिया.

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Image caption हिंसा की वजह के लिए विरोधाभासी बयान आ रहे हैं

प्रदर्शनकारियों में से कई देश के सैन्य शासकों के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे.

पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस छोड़ी.

ख़बरों के अनुसार एम्बुलेंस घायलों तक नहीं पहुँच पाईं और उन्हें मोटरसाइकलों से अस्पताल ले जाया गया.

मिस्र की सरकारी न्यूज़ एजेंसी मेना ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि 388 लोग घायल हुए हैं.

उनका कहना है कि इनमें से ज़्यादातर लोग आंसू गैस की वजह से घायल हुए हैं या फिर पथराव से इन्हें चोट आई है या हड्डी टूट गई है.

काहिरा के फ़ुटबॉल क्लब अल-अहली के समर्थकों ने पिछले साल होस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाई थी, जिसकी वजह से उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी.

काहिरा में बीबीसी संवाददाता जॉन लीन का कहना है कि अल-अहली के कई समर्थक मानते हैं कि उन्हें पिछले साल की क्रांति का समर्थन करने की वजह से निशाना बनाया गया.

जबकि मिस्र के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे मुस्लिम ब्रदरहुड ने हिंसा के लिए होस्नी मुबारक के समर्थकों को दोषी ठहराया है.

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