सीरिया पर सुरक्षा परिषद में वोट की उम्मीद

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Image caption सीरिया पर अरब लीग के शांति प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शनिवार को मतदान हो सकता है

राजनयिकों का कहना है कि सीरिया पर अरब लीग के शांति प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शनिवार को मतदान होने की उम्मीद है.

प्रस्ताव में कहा गया है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद देश की सत्ता अपने उप प्रमुख को सौंप दें.

रूस ने प्रस्ताव के मसौदे पर कई आपत्तियां जताई थी और उसकी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव में पहले ही बदलाव किए जा चुके है.

मतदान होने की स्थिति में रूस ने इस पर अपना वीटो देने की धमकी दे रखी है.

अभी ये साफ़ नही है कि वो इस पर कैसे मतदान करेगा या फिर इसमें हिस्सा ही नही लेगा.

नया मसौदा

नए मसौदे में ‘राजनीतिक बदलाव’ के अरब लीग के फ़ैसले का समर्थन किया गया है.रूस का कहना है कि अरब लीग की योजना का मतलब होगा सत्ता में बदलाव.

सुरक्षा परिषद के नए मसौदे में ये बात भी हटा ली गई है जिसमें सदस्य देशों से कहा गया है कि सीरिया में हथियार आने को वे रोके. रूस ने पहले इस बात पर आपत्ति जताई थी.

इस बीच ख़बरें हैं कि होम्स शहर में सरकारी सेना की बमबारी में दो सौ से ज़्यादा लोग मारे जा चुके है.

सीरिया पर ब्रिटेन की मानवाधिकार संस्था का कहना है कि ख़ालिदया ज़िले में सीरिया के सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की है. साथ ही कुछ भवनों में आग लगा दी गई है .

संस्था का कहना है कि मरने वालों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. हालांकि इन ख़बरों की स्वतंत्र पुष्टि नही हो सकी है.

रूस की धमकी

बीबीसी की संयुक्त राष्ट्र संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि हाल के दिनों में सीरिया पर मतदान कराने का दबाव बढ़ता जा रहा है.

पर सुरक्षा परिषद मे रुस सीरिया का सबसे बड़ा समर्थक है.

सीरिया में असद को सत्ता से हटाया जाना अरब लीग के शांति प्रस्ताव में मुख्य तौर पर शामिल है लेकिन रूस इसका विरोध करता आया है.

गुरूवार को रूसी राजदूत विटली चर्किन ने मतदान की स्थिति में प्रस्ताव पर वीटो करने की घोषणा सुरक्षा परिषद की एक बैठक में पहले ही कर चुके हैं.

गुरूवार को कुछ राजदूतों ने कहा था कि परिषद में प्रस्ताव पर सहमति बनने के क़रीब है.

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Image caption मानवाधिकार संगठनों के अनुसार सीरिया के आंदोलन में अब तक सात हज़ार से ज़्यादा आम नागरिक मारे जा चुके है

शुक्रवार को रुस के उप विदेश मंत्री गेतलोव ने कहा था कि प्रस्ताव अभी भी ऐसा नही है जिसका समर्थन किया जा सके.

हांलाकि राजनयिकों का कहना है कि शुक्रवार की शाम तक रुसी शिष्टमंडल ने कोई नई शर्त नही रखी है.

एक उच्च स्तरीय बैठक में अरब लीग के शांति प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद के समर्थन की मांग के बाद परिषद में बातचीत बुधवार को शुरु हुई थी.

इधर सीरिया में हिंसा के बावजूद उसके क़रीबी रूस ने असद सरकार को हथियार बेचना बंद नहीं किया है.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सीरिया में पिछले साल मार्च में शुरू हुए आंदोलन में सुरक्षाबलों के हाथों अब तक सात हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

सरकार का कहना है कि ''हथियारबंद लड़ाकों'' के साथ झड़पों में अब तक सुरक्षाबलों के क़रीब 2000 जवान मारे गए हैं.

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