इतिहास के पन्नों में पांच फ़रवरी

अगर इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें तो पाएंगे कि आज के दिन ही बोस्निया की राजधानी साराजेवो में बड़ी तादाद में लोगों का क़त्ल हुआ था और दूसरे विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन में मिठाई की बिक्री पर लगी पांबदी ख़त्म हुई .

1994: साराजेवो के बाज़ार में नरसंहार

Image caption साराजेवो में लंबे समय तक अशांति रही है.

साराजेवो के मुख्य बाज़ार में एक मोर्टार बम के फटने से 68 लोगों की मौत हो गई थी और 200 लोग घायल हुए थे.

बाईस माह से सर्ब, मुस्लिमों और क्रोट्स के बीच जारी संघर्ष के दौरान ये नृशंसता की सबसे बड़ी घटना थी.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने विस्फोट के फलस्वरूप होने वाले गड्ढे का निरीक्षण भी किया ताकि पता चल सके कि बम किस तरह का है जिससे ये मालूम किया जा सकता है कि इस तरह के बम कौन लोग इस्तेमाल करते हैं.

लेकिन सामान्य घारणा थी कि ये काम शहर को नियंत्रण में रखनेवाली सर्बिया की फ़ौज का था.

बम दोपहर से थोड़ी देर पहले एक छोटे से दुकान पर आकर गिरा जिसमें मुस्लिमों और सर्ब नागरिकों की मौत हुई और लोग बड़ी संख्या में घायल हो गए.

एक चश्मदीद का कहना था कि कुछ लोगों के शरीर के चीथडे उड़ गए. लोगों के सर धड़ से अलग हो गए .

घायलों को एंबुलेंस, कार और यहां तक कि ट्रकों में भरकर शहर के मुख्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया.

ये हमला ठीक तब हुआ जब बोस्निया के सर्ब, मुस्लिम और क्रोट नेता शहर के भविष्य को लेकर चर्चा करने वाले थे.

बोस्निया की मुस्लिम सरकार ने इसका आरोप सर्ब पर लगाया. वहां शांति 1995 के बाद ही स्थापित हो पाई जब अमरीका ने शांति के लिए कुछ क़दम उठाए.

1953: ब्रिटेन में मिठाई पर लगा नियंत्रण ख़त्म

Image caption मिठाई के वितरण पर नियंत्रण विश्व युद्ध की शुरूआत के बाद लगाई गई थी.

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन में मिठाई पर सालों से लगे नियंत्रित वितरण के ख़ात्मे के साथ ही बच्चे पैसे लेकर मिठाई की दुकानों पर पहुंचने लगे थे.

टाफ़ी एप्पल और लिकोरिस स्ट्रिप्स जैसी मिठाईयां सबसे पहले दुकानों से समाप्त हो गईं.

मिठाई की एक बड़ी कंपनी ने स्कूलों में बच्चों को मुफ्त लालीपॉप बांटे. लंदन की मिठाई बनाने वाली एक कंपनी ने उन सभी लोगों को जो उसके यहां पहुंचे मुफ़्त मिठाईयां बांटी.

मिठाई की दुकानों के सामने लोगों की लंबी क़तारे लग गईं और लोगों ने लंबे समय के बाद बड़ी मात्रा में मिठाईयां ख़रीदने का आनंद उठाया.

हालांकि चीनी के वितरण पर नियंत्रण इसके बाद भी जारी रहा और कुछ लोगों का कहना था कि सरकार को मिठाई के वितरण के साथ साथ चीनी पर भी रोक ख़त्म करनी चाहिए था.

ब्रिटेन में कई सामग्रियों के वितरण पर जनवरी 1940 में नियंत्रण लगा दिया गया था. वस्त्रों, फर्नीचर और पेट्रोल पर लगा नियंत्रण 1948 से धीरे-धीरे समाप्त होना शुरू हुआ और ये 1953 में जाकर पुरी तरह से ख़त्म हुआ.

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