रूस और चीन पर बरसीं हिलेरी क्लिंटन

  • 6 फरवरी 2012
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अमरीका ने कहा है कि लोकतांत्रिक सीरिया के दोस्तों को राष्ट्रपति असद का विरोध करना चाहिए.अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का कहना है कि रूस और चीन का रुख़ उपहासजनक है.

संयुक्त राष्ट्र में सीरियाई प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा के विरोध में प्रस्ताव लाया गया था जिसे रूस और चीन ने वीटो कर दिया था.

बुल्गारिया में हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि सीरिया के लोगों की मदद करने की कोशिशें दोगुनी करनी होंगी.

उनका कहना था अमरीका लोकतांत्रिक सीरिया के दोस्तों के साथ मिलकर सीरियाई राष्ट्रपति के विरोधियों का समर्थन करेगा.

विशेषज्ञों के मुताबिक हिलेरी क्लिंटन का इशारा शायद वैसे ही किसी गुट के गठन की ओर है जैसा लीबिया पर बना था.

हत्या का लाइसेंस

लीबिया पर अरब और दूसरे देशों ने एक गुट बनाया था जिसने गद्दाफ़ी के विरोधियों को अंतरराष्ट्रीय मदद देने का कामकाज संभाला था.

अमरीका की विदेश मंत्री ने ये भी कहा है कि अमरीका सीरिया पर पाबंदियाँ और कड़ी करेगा ताकि विरोधियों पर बल प्रयोग की उसकी क्षमता बाधित हो.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पिछले साल मार्च में शुरु हुए प्रदर्शनों के बाद से सात हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.जबकि सीरिया सरकार का दावा है कि ‘हथियारबंद गुटों और चरमपंथियों’ से लड़ने में कम से कम दो हज़ार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है.

इस बीच सीरिया में विपक्षी दलों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पर वीटो कर रूस और चीन ने सीरिया की सरकार को लोगों की ‘हत्या का लाइसेंस’ दे दिया है.

विपक्षी दलों के समूह सीरियन नेशनल काउंसिल ने रूस और चीन से अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है

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