अरब देशों का सीरिया पर दबाव बढ़ा

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Image caption सीरिया में हिंसा का दौर लगातार जारी है.

अरब की खाड़ी के देशों ने कहा है कि वे अपने मुल्क़ों से सीरिया के राजदूतों को वापस भेज रहे हैं. इन देशों ने सीरिया में स्थित अपने राजदूतों को भी वापस बुलाने का फ़ैसला किया है.

खाड़ी सहयोग काउंसिल ने कहा है कि सीरिया ने वहां चल रहे राजनीतिक संकट को हल करने की अरब देशों की कोशिशों को ख़ारिज कर दिया है.

सोमवार को अमरीका ने सीरिया में अपना दूतावास बंद कर दिया था. कई यूरोपीय देशों ने भी सीरिया से अपने राजदूत वापस बुला लिए हैं.

इसबीच सीरिया की सरकारी सेना ने अस्थिरता वाले शहर होम्स पर हमले जारी रखे हैं. उधर रूसी अधिकारियों ने राजधानी दमिश्क का दौरा किया है.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अरब लीग की अगुवाई में सकंट के हल की मांग की है. हाल ही में रूस और चीन ने सीरिया पर सख़्ती बरतने की योजना वाले एक संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को वीटो कर दिया था.

हिंसा जारी

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Image caption रूसी विदेश मंत्री ने मंगलवार को बशर अल-असद से बातचीत की.

रूसी विदेश मंत्री से मुलाक़ात के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने कहा कि वे स्थिरता लाने की कोशिशों में सहयोग करने के लिए तैयार हैं.

होम्स में बीबीसी संवाददाता पॉल वुड बता रहे हैं कि मंगलवार को सुबह होते ही सरकारी सेना ने तोप के गोलों और भारी मशीन गनों से हमले शुरू कर दिए थे.

उन्होंने बताया है कि शहर के केंद्रीय इलाक़े में रूस में बने टैंक देखे गए हैं.

शुक्रवार को होम्स पर शुरू हुए तोपों और टैंक के हमले में अब तक सैकड़ों लोग मारे गए हैं. राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अनुसार अकेले सोमवार को ही कम से कम 95 लोग मारे घए हैं.

'दुख और गुस्सा'

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Image caption अरब देशों ने सीरिया से अपने राजदूत वापस बुलाए.

गल्फ़ कॉपरेशन काउंसिल यानि जीसीसी ने एक बयान में कहा, “सदस्य देशों ने सीरिया से अपने राजदूतों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है और साथ ही अपने राजदूतों को तुरंत सीरिया छोड़ने को कहा है. ”

बयान में आगे कहा गया है, “सीरिया द्वारा संकट को सुलझाने और ख़ूनख़राबा रोकने की अरब कोशिशों को ख़ारिज करने के बाद अब वहां बने रहने का कोई मतलब नहीं है. ”

जीसीसी ने कहा है कि वे सीरिया में मौतों और हिंसा की बढ़ोतरी को दुख और गु़स्से से देख रहे हैं. ‘

काउंसिल ने कहा, “इस हिंसा में बच्चों, बूढ़ों और औरतों को भी नहीं बख़्शा गया है. इन कृत्यों को सिर्फ़ नरसंहार ही कहा जा सकता है.”

काउंसिल ने अगले हफ़्ते होने वाली अरब लीग की बैठक से सीरिया पर निर्णायक क़दम उठाने की गुहार की है.

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