सचिन सौंवा शतक ज़रूर पूरा करेंगे :पीटरसन

  • 17 फरवरी 2012
Image caption केविन पीटरसन इस बार डेल्ही डेयरडेविल्स से खेलेंगे

एक समय मैं दुनिया के सबसे ख़तरनाक माने जाने वाले केविन पीटरसन भले ही आजकल ख़राब दौर से गुजर रहे हों, लेकिन आईपीएल में उनका जादू अभी भी बरकरार हैं.

रॉयल चेलेंजर्स बंगलौर में तीन साल बिताने के बाद वह पिछले सीज़न टीम को छोड़कर डेकन चारजर्स में शामिल हो गए थे, लेकिन चोट की वजह से एक भी मैच नहीं खेल पाए.

इस साल की ट्रान्सफर विंडो में दिल्ली की टीम में शामिल होने वाले वह पहले खिलाडी रहे.

पाकिस्तान के ख़िलाफ चल रहे एकदिवसीय सीरीज के बीच से वक़्त निकालकर उन्होंने अपनी नई टीम दिल्ली डेयर डेविल्स की टीम की नई जर्सी का अनावरण किया और इसी मौके पर बीबीसी ने उनसे ख़ास बातचीत की.

आज हर जगह सचिन कें सौवें शतक की चर्चा हैं, केपी आप की इस पर क्या राय है.

इसमें कही कोई शक नहीं है की सचिन एक महान खिलाडी हैं और क्रिकेट के इस खेल को उन जैसा खिलाड़ी शायद बहुत कम ही देखने को मिला होगा. उन्होंने अपने देश के लिए बहुत कुछ किया है जो दूसरों के लिए एक प्रेरणा है.

जहाँ तक उनके सौवें शतक का सवाल है तो मैं मानता हूँ की ये शतक वह पूरे तौर पर डिजर्व करते हैं. इस शतक को लेकर उन पर बाहरी दवाब बहुत ज्यादा हैं, लेकिन वो जितनी जल्द अपने इस मुकाम को पूरा करेंगे.वह उतना ही उनके लिए बेहतर होगा. मुझे यकीन हैं की वो भी अपनी तरफ से इसे पाने का पूरा प्रयास कर रहे होंगे.

आपने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में कई सीरीज खेली है. भारत की जो टेस्ट सीरीज में दुर्गति हुई है, उसके बारे में आप क्या कहेंगे?

ऑस्ट्रेलिया हमेशा से ही काफी मजबूत टीम रही है और खासकर उसे अपने घर में मात देना बहुत ही मुश्किल है. कई टीमों को ऑस्ट्रेलिया में कई सालों तक जीत नसीब नहीं हुई है. हमारी टीम को भी लगातार 21 साल तक ऑस्ट्रेलिया में हार का मुंह देखना पड़ा था.

हार को सिर्फ हार की तरह नहीं लेना चाहिए. हार से टीम और खिलाडियों को कई चीज़ें सीखने को मिलती हैं.

इस सीरीज में भारतीय टीम की बहुत सारी कमज़ोरियां खुलकर सामने आई हैं, लेकिन कई ऐसे भी युवा खिलाडी है जो उभरकर सामने आये है जिन्हें टीम का भविष्य कहा जा सकता है.

इस हार से ये कतई नहीं माना जा सकता की भारत एक कमज़ोर टीम है.

अब आप एक ऐसे टीम से जुड़ रहे है जिसमे सहवाग, वार्नर ,जयवर्धने सरीखे उम्दा खिलाडी है, किस तरह की उम्मीदें है आपको?

ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं एक ऐसी टीम का हिस्सा होने जा रहा हूँ जिसमे इतने बड़े बड़े दिग्गज पहले से ही मौजूद है.

सहवाग जैसे महान बल्लेबाज की कप्तानी में खेलना बेहद दिलचस्प रहेगा. वीरू एक विध्वंसक बल्लेबाज है और जिस बेफ़क्री से वो खेलते है, उससे खेल का रुख़ कभी भी बदल सकता है.

दूसरी तरफ वार्नर एक युवा खिलाडी है लेकिन उन्होंने भी जिस धमाके के साथ क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा है, वो काफी प्रशंसनीय है. इन दोनों के अलावा टीम में महेला जयवर्धने, आंद्रे रसेल, डग ब्रेसवेल और तेज़ गेंदबाज वरुण ओराँव, अशोक डिंडा और उमेश यादव है जो की हमारी टीम को एक पूरा पैकेज बनाती है.

यह दिल्ली की टीम के लिए एक रोमांचक सीज़न होगा. कोच इरिक सीमन्स को भी मैं पहले से जानता हूँ , वह काफ़ी अच्छे मित्र है और इसका भी फायदा मुझे मिलेगा.

आईपीएल में पहले आप दो दो दक्षिण भारतीय टीमों के हिस्सा रह चुके है. अब आप एक उत्तर भारतीय टीम को प्रतिनिधित्व कर रहे है. कैसा रहा है अभी तक का ये सफ़र?

देखिये मुझे भारत में रहना और बार बार जाना अच्छा लगता है. पहले भी बंगलोर में मैंने कई बेहतरीन पल गुज़ारे है.

मैंने तकरीबन हर जगह मैच खेले हैं और लोगों में इस खेल के लिए जितना प्यार और सम्मान है उसको शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है.

दोनों क्षेत्रों में सबसे बड़ा अंतर तापमान का है. दक्षिण भारत में हवा में काफी नमी होती है और दिल्ली में इससे मुझे छुटकारा मिल जायेगा.

दिल्ली के बारे में भी मैंने सुना है की यहाँ के लोग काफ़ी बढ़िया है. मैंने पहले भी दिल्ली में कई मैच खेले है और मुझे लगता है कि पूरे भारत के लोगों में इस खेल को लेकर काफी उत्साह है. जब आप अपने शहर में खेलते हों तो विरोधी टीम दर्शकों के समर्थन के आगे काफी दबाब में आ जाती है.

ये आईपीएल का पांचवा सीजन है, आपके हिसाब से आईपीएल में खेलना कितना अलग होता है और बाकी फॉर्मेट से आप इसकी तुलना कैसे करेंगे.

आईपीएल में खेलना वाकई बिलकुल ही अलग अनुभव है. इसमें आप ऐसे दोस्त बनाते हैं जिसके बारे में आप दूसरे फॉर्मेट में सोच भी नहीं सकते. आप दूसरे देश के खिलाडियों के साथ ड्रेसिंग रूम भी शेयर करते हैं, कई जगह एक साथ यात्रा भी करते है. इससे जहाँ आपको दूसरे देश के खिलाडियों को समझाने का मौका मिलता है वहीँ आपके नए नए दोस्त भी बनते है.

मैं जब रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर से खेलता था तो मैंने राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसे अच्छे दोस्त बनाये थे. मैं आज भी उनसे संपर्क में हूँ और ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच मेरी उनसे बातचीत होती रही है.

मेरा मानना है कि आईपीएल ने जहाँ क्रिकेट के खेल को काफी रोमांचक बनाया है वहीं खिलाड़ियों के बीच संबंधों को सुधारने में भी एक बेहतरीन रोल अदा किया है

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