एशिया के स्कूली छात्र पश्चिमी छात्रों से आगे

  • 17 फरवरी 2012
स्कूली छात्राएँ
Image caption अध्ययन के अनुसार यूरोप या अमरीका के छात्रों के मुक़ाबले गणित में शंघाई का छात्र तीन वर्ष तक आगे है

एशिया के कई हिस्सों के स्कूली बच्चे पश्चिमी देशों के स्कूली बच्चों के मुक़ाबले प्रशिक्षण में तीन वर्ष तक आगे हैं.

ऑस्ट्रेलिया में शोधकर्ताओं की एक नई रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है और उनका ये भी कहना है कि ऐसा अभिभावकों के बच्चों पर दबाव या शिक्षा में ज़्यादा पैसा ख़र्च करने की वजह से नहीं है.

रिपोर्ट के अनुसार शंघाई में औसतन 15 साल का गणित का छात्र अमरीका या यूरोप के छात्र से दो-तीन साल तक आगे होगा.

वहीं दक्षिण कोरिया का छात्र पढ़ने के मामले में यूरोपीय या अमरीकी छात्र से एक साल तक आगे होगा.

एक स्वतंत्र संस्था ग्रैटन इंस्टीट्यूट ने ये रिपोर्ट तैयार की है जिसमें कहा गया है कि पूर्वी एशिया में ही दुनिया की शीर्ष चार स्कूल प्रणालियाँ काम कर रही हैं.

इसमें कहा गया है कि इस बेहतर स्कूल प्रणाली की वजह बड़े बजट नहीं हैं.

इसकी जगह लगातार छात्रों पर ध्यान देने की नीति, सिखाने के बेहतर तरीक़े और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर नज़र रखकर बेहतर नतीजे हासिल किए गए हैं.

इस अध्ययन ने ये भी कहा है कि एशिया में छात्रों के इस बेहतरीन प्रदर्शन के पीछे दबाव बनाने वाले अभिभावक नहीं हैं और न ही इसके पीछे कक्षाओं में छात्रों की कम संख्या है.

रिपोर्ट के अनुसार शंघाई में तो कक्षा में छात्रों की संख्या 40 कर दी गई मगर उसके बाद अध्यापकों को क्या और कैसे पढ़ाना है ये देखने के लिए शिक्षकों को ज़्यादा समय दिया गया.

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