सीरिया: जनाज़े में गोलीबारी, एक की मौत

इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption सीरिया में हिंसा जारी है.

सीरिया में सरकार विरोधी नेताओं का कहना है कि शनिवार को राजधानी दमिश्क़ में एक जनाज़े में शामिल लोगों पर सेना ने गोलियां चलाईं हैं जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं.

शुक्रवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनों में सेना की गोलीबारी से मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार शनिवार को किया जा रहा था जिसमें हज़ारों लोग शामिल हुए.

देखते ही देखते ये एक भारी विरोध प्रदर्शन में तबदील हो गया.

शुक्रवार और फिर शनिवार को ये हिंसा ऐसे समय में हुई है जब चीन के एक विशेष दूत सीरिया के दौरे पर हैं और उन्होंने दोनो ही पक्षों से हिंसा का रास्ता तर्क कर बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है.

चीन के राजदूत ज़्हाई जुन ने ये भी कहा कि संवैधानिक बदलावों के लिए सीरिया सरकार की जनमत संग्रह की योजना का चीन समर्थन करता है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि सीरया में इस माह के अंत में होने वाला मतदान शांतिपूर्ण रहेगा.

सीरिया में विरोधियों का कहना है कि शनिवार को राजधानी दमिश्क़ के मेज़ेह ज़िले में अंतिम सस्कार में शामिल होने के लिए हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए थे.

लोग राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे और उन्हें अपनी कुर्सी से हटने की अपील कर रहे थे.

जब भीड़ क़ाबू से बाहर हो गई तो सुरक्षाबलों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी जिसमें कम से कम एक आदमी की मौत हो गई और कई घायल हो गए.

राजधानी दमिश्क़ के अलावा देश के कई दूसरे इलाक़ों में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए.

'हिंसा समाप्त हो'

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption चीनी राजदूत ज़्वाई जुन ने राष्ट्रपति असद से मुलाक़ात की.

इस बीच चीनी राजदूत ज़्हाई जुन ने राष्ट्रपति असद से मुलाक़ात के बाद कहा, ''चीन चाहता है कि सीरियाई सरकार, विपक्षी दल और विद्रोही फ़ौरन हिंसा समाप्त करें.''

इस मुलाक़ात के बाद राष्ट्रपति असद का कहना था, ''आज सीरिया के सामने जो चुनौती है वो दर असल उसे तोड़ने की एक साज़िश है और इस क्षेत्र में उसके भू-राजनैतिक अहमियत और ऐतिहासिक रोल को प्रभावित करने की एक कोशिश है.''

चीन और रूस ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र आम सभा में सीरिया के ख़िलाफ़ लाए गए प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया था.

चीन और रूस का कहना है कि बाहरी शक्तियां सीरिया में सत्ता परिवर्तन के लिए दबाव नहीं डाल सकती.

इस बीच मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेश्नल ने कहा है कि उसे कुछ ऐसे नए सबूत मिलें हैं जिनकी बिना पर कहा जा सकता है कि सीरियाई सुरक्षाबल सरकार विरोधियों को यातनाएं दे रहें हैं.

सीरिया में विदेशी मीडियो को स्वतंत्रता से काम करने की इजाज़त नहीं है इसलिए सरकार या विरोधी किसी की भी बात की पुष्टि नहीं की जा सकती है.

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि पिछले साल मार्च से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक सात हज़ार लोग मारे जा चुके हैं जबकि दूसरी तरफ़ सीरियाई सरकार का कहना है कि 'हथियारबंद अपराधियों और आतंकवादियों' के साथ लड़ाई में उसके दो हज़ार से ज़्यादा सैनिक मारे गए हैं.

संबंधित समाचार