इतिहास के पन्नों में 21 फ़रवरी

  • 21 फरवरी 2012

अगर इतिहास के पन्नों को पलटें तो पाएंगें कि आज ही के दिन 1972 में अमरीका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन चीन के ऐतिहासिक दौरे पर गए थे, तो उधर 1965 में अमरीका में काले राष्ट्रवादी नेता मालकोम एक्स की हत्या कर दी गई थी.

1972: निक्सन की ऐतिहासिक चीन यात्रा

Image caption इस एतिहासिक बैठक को आयोजित करने में राष्ट्रपति निक्सन के सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिन्जर की बड़ी भूमिका थी.

21 फरवरी 1972 के दिन अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन चीन की ऐतिहासिक यात्रा पर गए थे.

एक सप्ताह के इस शिखर सम्मेलन का मकसद अमरीका और चीन के बीच 20 साल के तनाव को ख़त्म करना था.

उनकी यात्रा माओ त्से तुंग से मुलाकात से शुरू हुई. चीन ने निक्सन की यात्रा को एक ‘सकारात्मक कदम’ बताया था.

चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री चऊ इन-लाई ने चीन और अमरीका के बीच लंबे तनाव की ओर इशारा किया और दोनों सरकारों को एक-दूसरे से संपर्क साधने की कोशिशों के लिए बधाई दी.

ताईवान में राष्ट्रवादी तत्वों को मिलने वाले अमरीकी समर्थन से चीन को आपत्ति थी.

निक्सन ने सम्मेलन के दौरान कहा कि अब वक्त आ गया है कि दोनों देश इस मौके का फायदा उठाएं और एक बेहतर विश्व बनाने की ओर अग्रसर हों.

इस ऐतिहासिक बैठक को आयोजित करने में राष्ट्रपति निक्सन के सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिन्जर की बड़ी भूमिका थी.

इस यात्रा की कूटनीतिक उपलब्धि ये थी कि शांघाई ज्वाइंट कम्युनीक पर सहमति बनी थी जिसके तहत ताईवान को चीन का भाग माना गया था.

हालांकि इसके कुछ सालों बाद ताईवान एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बना था.

1965: काले राष्ट्रवादी नेता की अमरीका में हत्या

Image caption पुलिस का कहना था कि मालकोम एक्स के ही समर्थक उनसे बदला लेने की कोशिश कर रहे थे.

आज ही के दिन विवादित काले नेता मालकोम एक्स की अमरीका में हत्या कर दी गई थी.

न्यू यॉर्क में उनके 400 समर्थकों के सामने उन्हें कई गोलियां लगीं, जब वे अपना भाषण शुरू करने ही वाले थे.

39 वर्षीय मालकोम एक्स को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक वे दम तोड़ चुके थे.

ऐसा माना जा रहा था कि इस घटना को अंजाम देने वाले लोग नेशन ऑफ इस्लाम नाम के एक काले मुसलमानों के गुट से जुड़े हुए थे.

नेशन ऑफ इस्लाम के बूढ़े नेता एलिजाह मुहम्मद के बाद मालकोम एक्स उनकी जगह लेने वाले थे.

हालांकि उन्होंने संगठन दो साल पहले छोड़ दिया था और वे अपना खुद का एक संगठन बनाने वाले थे जिसका मकसद उन अफ्रीकियों को मौका देना था, जो इस्लाम धर्म को अपनाना नहीं चाहते थे.

हालांकि मक्का में अपनी यात्रा के दौरान उन्हें श्वेत लोगों के प्रति नर्म रुख़ अपनाते हुए देखा गया, जो काफ़ी काले लोगों को पसंद नहीं आया.

पुलिस का कहना था कि जांच रिपोर्ट से लगता है कि मालकोम एक्स के ही समर्थक उनसे बदला लेने की कोशिश कर रहे थे.

1966 में नेशन ऑफ इस्लाम के दो सदस्यों को मालकोम की हत्या के जुर्म में गिरफ़्तार किया गया.

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