परमाणु मसले पर आईएईए का दल ईरान पहुंचा

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Image caption आईएईए की टीम का एक माह में ईरान का ये दूसरा दौरा है

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पैदा हुए तनाव को कम करने की कोशिश के तहत संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का एक उच्च स्तरीय जांच दल सोमवार को तेहरान पहुँच गया है.

आईएईए के मुख्य निरीक्षक हरमन नेकार्त्स ने कहा कि उनकी टीम की सर्वोच्च प्राथमिकता परमाणु कार्यक्रम के संभावित सैन्य आयाम स्पष्ट करना है.

लेकिन उन्होंने चेताया कि इस प्रकिया में वक्त लग सकता है.

इससे पहले, आईएईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि ईरान के कथित परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर वार्ता से कोई हल निकल आएगा.

ईरान के पारंपरिक सहयोगी रहे रूस और चीन उसे समझाने के प्रयासों में लगे हुए हैं कि वह आईएईए के दल का सहयोग करे.

समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि इस बीच इसराइल, अमरीका और ब्रिटेन से जो बयान आए हैं और ईरान ने जो संकेत दिए हैं उससे लगता है कि ईरान पर इसराइल की ओर से सैन्य कार्रवाई के आसार बढ़ते जा रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि रविवार को ही ईरान ने ब्रिटेन और फ्रांस को तेल की आपूर्ति रोकने की घोषणा कर दी थी और कहा था कि वह अब तेल नए ग्राहकों को बेचेगा.

इससे पहले यूरोपीय संघ के सदस्यों ने कहा था कि वो ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए पहली जुलाई से ईरान से तेल का आयात रोक देंगे.

आईएईए को उम्मीद

आईएईए के वरिष्ठ अधिकारी हरमन नैकारेट्स ने कहा कि उनकी टीम एक महीने के भीतर दूसरी बार वार्ता के लिए तैयार है.

इससे पहले पहली फरवरी को ये टीम ईरान से लौटी है.

इस दौरे में आईएईए की टीम को वहाँ विशेष सफलता नहीं मिली थी.

विएना के विमान तल पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए नैकारेट्स ने कहा, "हमारी प्राथमिकता ईरान के परमाणु कार्यक्रम के सैन्य पहलू पर काम करना है. हालांकि ये एक बहुत जटिल मुद्दा है, जिसे हल करने में थोड़ा वक़्त लगेगा लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि इसमें कुछ सकारात्मक परिणाम निकलेगा."

ईरान पिछले चार वर्षों से अपने परमाणु कार्यक्रम के सैन्य पहलू पर ये कहकर बात करने से इनकार करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है और कुछ देश उसे बदनाम करने के लिए 'झूठे दस्तावेज' पेश कर रहे हैं.

ईरान का संकेत अमरीका और उसके सहयोगियों की ओर होता है.

ये विवाद गत नवंबर से गहरा गया है कि जब आईएईए ने 13 पन्नों की अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि उसके पास कुछ ऐसे सबूत हैं जिससे ज़ाहिर होता है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है.

वार्ता का आह्नान

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Image caption अहमदीनेजाद ने पिछले हफ्ते ही कई अहम घोषणाएँ की हैं

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने कहा है कि उनका देश जल्द ही विश्व नेताओं के साथ वार्ता के लिए तैयार है.

यूरोपीय संघ की ओर से वार्ता के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा है कि स्थान और तिथि तय होते ही वार्ता होनी चाहिए.

हालांकि पिछली जनवरी में इस्तांबुल में हुई वार्ता विफल हो गई थी.

लेकिन सालेही ने ये भी कहा है कि ईरान 'सबसे खराब स्थिति' से भी निपटने के लिए तैयार है.

इस बीच ये अटकलें तेज हो गई हैं कि इसराइल की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी चल रही है. हालांकि इसराइल ने कहा है कि वह अभी ऐसे किसी नतीजे पर नहीं पहुँचा है.

उधर अमरीका भी ईरान के खिलाफ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं कर रहा है.

अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डोनिलन की रविवार को हुई इसराइल यात्रा को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है.

हालांकि अमरीका और ब्रिटेन दोनों ही देश सार्वजनिक रूप से चिंतित दिखते हैं कि इसराइल कहीं ईरान पर सैन्य कार्रवाई न करे.

पिछले हफ़्ते ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की इस घोषणा से कि उनके वैज्ञानिकों ने परमाणु संवर्धन का काम आगे बढ़ा लिया है, पश्चिमी देशों और इसराइल की चिंता को बढ़ा दिया है.

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