किंगफिशर का नया शिड्यूल, सरकार का राहत पैकेज से इंकार

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Image caption किंगफिशर एअर लाइंस भारी कर्जे में डूबी है

भारी कर्ज में डूबी निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस ने नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को अपना नया शिड्यूल सौंप दिया है.

यह शिड्यूल उनके विमानों की उड़ानों को लेकर दिया जाना था. डीजीसीए इस शिड्यूल की जांच कर रहा है.

नया शिड्यूल जमा करने संबंधी दिशा-निर्देश डीजीसीए ने मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिए थे.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने भी बुधवार को कहा था कि विमानों के रद्द होने संबंधी जानकारी डीजीसीए और यात्रियों को दी जानी चाहिए.

अजित सिंह का कहना था, “सरकार नहीं चाहती कि किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता.”

अजित सिंह ने किंगफिशर को किसी भी तरह के राहत पैकेज यानी बेल आउट पैकेज देने से भी साफ इंकार किया है. हालांकि उनका कहना है कि यदि बैंक अपने व्यापारिक हितों के तहत ऐसा करना चाहें तो वे कर सकते हैं.

उनका कहना था, “एअर इंडिया को बचाने के लिए सरकार ने इस तरह का पैकेज दिया था, लेकिन किंगफिशर एअर इंडिया नहीं है. एअर इंडिया की जिस तरह से मदद की गई उस तरह से किसी भी निजी विमान कंपनी की नहीं हो सकती.”

इस बीच किंगफिशर को राहत पैकेज देने के लिए सरकारी क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने आने की बात भी खबरों में आई. लेकिन इसकी पुष्टि न तो सरकार और बैंक की ओर से और न ही किंगफिशर की ओर से हुई है.

पत्रकारों के सवालों में नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा कि विमान कंपनियों को सरकार ने 49 प्रतिशत विदेशी निवेश और ईंधन आयात करने जैसी कई सहूलियतें पहले ही दे चुकी है. ऐसे में बैंक चाहें तो किंगफिशर की मदद कर सकते हैं.

कर्ज

वैसे बैंकों पर किंगफिशर का कई करोड़ रुपये बकाया हैं. किंगफिशर पर करीब 7,057 करोड़ रुपये का कर्ज है.

किंगफिशर को वित्तीय वर्ष 2010-11 में 1,027 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा है. जबकि पिछली तिमाही में ही उसे 444 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

किंगफिशर एयरलाइंस के विमानों के रद्द होने से बुधवार को पांचवें दिन भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है. मंगलवार को विमानन कम्पनी ने 64 में से सिर्फ 28 विमानों का संचालन किया.

मंगलवार की बैठक में डीजीसीए ने साफ कहा था कि यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए और अगर उड़ानें रद्द होती हैं, तो लोगों की इसकी सूचना पहले से दी जानी चाहिए.

डीजीसीए के सूत्रों के मुताबिक किंगफिशर की उडा़नों में सुरक्षा संबंधी मानकों की निगरानी डीजीसीए प्रतिदिन करेगा.

पिछले कई दिनों से किंगफिशर की कई उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं जिस वजह से यात्रियों को काफ़ी दिक्कत झेलनी पड़ रही है. कई लोगों ने शिकायत की थी कि उन्हें पहले से इस बारे में सूचित भी नहीं किया गया था. इन सब शिकायतों के बाद डीजीसीए ने किंगफिशर से जवाब माँगा था.

बुधवार को भी किंगफिशर की 20 उड़ानें रद्द की गईं जिनमें 14 उड़ानें मुंबई से और 2 दिल्ली से थीं.

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