इराक में बम धमाके और गोलीबारी, 50 की मौत

Image caption आशंका जताई जा रही है कि हिंसा की तमाम घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है

इराक़ में पुलिस का कहना है कि बम धमाकों और गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

हिंसा की ये वारदातें शिया बहुल इलाकों में हुई हैं जहां खासतौर पर पुलिस अधिकारियों को जांच चौकियों को निशाना बनाया गया है.

राजधानी बगदाद में लगातार हुए दो बम धमाकों में नौ लोग मारे गए हैं. राजधानी के बाहरी इलाके में बकूबा में भी कम से कम दो लोग मारे गए हैं.

अभी तक किसी भी गुट ने इस हिंसा की जिम्मेदारी नहीं ली है. दिसम्बर में अमरीकी सैनिकों की वापसी के बाद से इराक में हमले की घटनाएं बढ़ी हैं.

निशाने पर शिया

बगदाद के उत्तर में शिया बहुल इलाके कधिमिया में हुए एक कार बम धमाके में छह लोग मारे गए.

सराफिया जिले में एक पुलिस जांच चौकी पर एक बंदूकधारी ने छह लोगों की जान ले ली.

पश्चिमी जिले अल मंसूर में भी एक धमाका हुआ जिसमें दो लोग मारे गए और पांच घायल हो गए.

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Image caption शिया समुदाय के लोगों के अलावा पुलिसकर्मियों को भी हमले का निशाना बनाया गया है

बगदाद के दक्षिण में स्थित दोरात अबो शीर में दो धमाके हुए. यहां दो लोग मारे गए और दस अन्य घायल हो गए.

बगदाद के पास ही सैदिया में गश्त लगा रही पुलिस को निशाना बनाकर किए गए हमले में दो लोग मारे गए और नौ घायल हो गए.

अल मदीन में भी एक धमाका हुआ जिसमें सात लोग घायल हो गए जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं.

बगदाद के उत्तर में ताजी में हुए एक बम धमाके में पांच लोग घायल हो गए.

सलाहुद्दीन और किरकुक प्रांतों में बम धमाके की खबरें हैं.

आशंका जताई जा रही है कि हिंसा की इन तमाम घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

पिछले हफ्ते भी राजधानी बगदाद के नजदीक एक आत्मघाती हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए थे.

शिया प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी की सरकार ने जबसे सुन्नी इराकिया राजनीतिक दल के सदस्यों के खिलाफ कदम उठाए हैं, तभी से देश में शियाओं को निशाना बनाकर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं.

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