शांति क़ायम करने के लिए करज़ई की अपील

  • 26 फरवरी 2012
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Image caption क़ुरान जलाने की घटना के पांचवें दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

अफ़ग़ानिस्तान में एक अमरीकी सैनिक अड्डे में मुसलमानों के धार्मिक ग्रंथ क़ुरान के जलाए जाने की घटना के बाद भड़की हिंसा के पांचवें दिन रविवार को राष्ट्रीय टेलीविज़न के ज़रिए राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए ज़िम्मेदार अमरीकी सैनिकों को सज़ा दी जानी चाहिए.

पिछले सप्ताह राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस घटना पर माफ़ी मांगी थीं और अमरीकी अधिकारियों ने कहा था कि पवित्र क़ुरान को ग़लती से बगराम सैन्य अड्डे के कूड़ेदान में फेंक दिया गया था.

इस बीच अफ़ग़ानिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें 25 साल के उस अफ़ग़ान पुलिस अधिकारी की तलाश है जिनके बारे में अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ही शनिवार को दो अमरीकी सैनिकों की हत्या की थी.

अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि इस हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त अब्दुस सुबूर फ़ायरिगं के बाद से फ़रार हैं.

उनके मुताबिक़ परवान ज़िले में स्थित उनके पैतृक घर पर शनिवार की रात छापा मारा गया और उनके कुछ रिश्तेदारों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.

इस हत्याकांड के बाद नेटो ने अफ़ग़ानिस्तान के तमाम मंत्रालय से अपने अधिकारियों को वापस बुला लिया है.

मारे गए अमरीकी पुलिस अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन ऐसा मानना है कि उनमें एक कर्नल और दूसरा एक मेजर था.

शनिवार को काबुल में आंतरिक मंत्रालय के दफ़्तर के अंदर दो अमरीकी सैनिकों की हत्या कर दी गई थी.

अधिकारियों के अनुसार हत्यारे पुलिस अधिकारी को ख़ुफ़िया विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलने की अनुमति थी और महत्वपूर्ण अधिकारियों को लाने लेजाने की ज़िम्मेदारी भी उसी पर थी.

अफ़ग़ानिस्तान के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि शनिवार की घटना इस बात का सबूत है कि सेना और ख़ुफ़िया विभाग में किस तरह घुसपैठ की गई है.

इससे पहले तालेबान ने इस घटना की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा था कि एक अमरीकी कर्नल और एक मेजर की हत्या क़ुरान जलाने की घटना का बदला लेने के लिए की गई थी.

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