जल्द मिलाएँ नदियों की धार: सुप्रीम कोर्ट

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Image caption सुप्रीम कोर्ट ने नदी जोड़ो योजना पर अमल का केंद्र सरकार को निर्देश दिया है

उच्चतम न्यायालय ने भारत में नदियों को जोड़ने संबंधी महत्वाकांक्षी परियोजना पर समयबद्ध तरीके से अमल करने का केंद्र सरकार को निर्देश दिया है.

साथ ही न्यायालय ने इसकी योजना तैयार करने और इस पर अमल करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की भी गठन किया है.

उच्चतम न्यायालय ने ये निर्देश परियोजना में हो रही देरी और इसकी वजह से इस पर बढ़ रहे खर्च को देखते हुए दिया है.

न्यायमूर्ति एसएच कपाड़िया की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों को इस परियोजना के प्रभावकारी और समयबद्ध तरीके से अमल के लिए सहयोग करना चाहिए.

पीठ ने परियोजना की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया जिसमें सरकारी विभागों के अधिकारी, मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के अलावा विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं.

समिति

इस समिति में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री, इस विभाग के सचिव, पर्यावरण मंत्रालय के सचिव, और जल संसाधन मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, योजना आयोग और पर्यावर्ण एवं वन मंत्रालय की ओर से नियुक्त चार सदस्य शामिल हैं.

इसके अलावा राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, दो सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार भी इस समिति के सदस्य बनाए गए हैं.

खंड पीठ का कहना है, “हम केंद्र सरकार को निर्देश देते हैं वो इस परियोजना पर अमल करे. ये समिति परियोजना पर अमल की योजना तैयार करेगी.”

भारत में नदियों को आपस में जोड़ने की परिकल्पना एनडीए सरकार के कार्यकाल में की गई थी.

साल 2002 के अक्तूबर महीने में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उस साल पड़े भीषण सूखे के बाद नदियों को आपस में संबंधी विचारों को परखने के लिए एक कार्य दल का गठन किया था.

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