इतिहास के पन्नों में: दो मार्च

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Image caption रंजन विजयरत्ने कट्टरपंथी माने जाते थे

इतिहास के पन्नों में दो मार्च का दिन

1991- श्रीलंका में विस्फोट में 19 की मौत

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक हुए एक कार बम विस्फोट में देश के रक्षा उपमंत्री रंजन विजयरत्ने सहित 19 लोग मारे गए.

अधिकारियों के अनुसार 59 वर्षीय विजयरत्ने सुबह जब अपने ऑफ़िस जा रहे थे कि उसी समय रिमोट कंट्रोल के ज़रिए एक कार में विस्फोट किया गया.

मारे गए लोगों में विजयरत्ने के पाँच अंगरक्षक भी शामिल थे.

विस्फोटस्थल के पास स्थित एक होटल के मालिक निमल पियासिरी ने बताया, "मैंने सड़क पर लोगों के हाथ और पैर बिखरे देखे और कई गाड़ियों में आग लगी हुई थी. काफ़ी दुखद था वो."

इस बम विस्फोट में 73 लोग घायल भी हुए मगर किसी ने इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

वैसे शक तमिल टाइगर विद्रोहियों लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम पर रहा.

विजयरत्ने ने एलटीटीई के विरुद्ध अभियान चला रखा था. वह कट्टरपंथी माने जाते थे और राष्ट्रपति रणसिंघे प्रेमदासा के विश्वस्त सहयोगी थे.

विजयरत्ने ने 1990 में श्रीलंकाई संसद में कहा था, "मैं एलटीटीई के विरुद्ध बड़ा अभियान चला रहा है. मैं कोई काम आधे-अधूरे तरीक़े से नहीं करता."

1969- कॉनकॉर्ड पहली बार उड़ा

सुपरसॉनिक विमान कॉनकॉर्ड की पहली उड़ान सफल रही.

ये विमान टॉलूज़ से उड़ा और सिर्फ़ 27 मिनट की उड़ान के बाद पायलट ने उसे उतारने का फ़ैसला किया.

पहले पायलट आंद्र टरकाट ने हवाई अड्डे वापसी पर कहा, "आख़िरकार उड़ान सफल रही और अब मैं कह सकता हूँ कि ये काफ़ी अच्छे ढंग से उड़ता है."

टेस्ट उड़ान 10 हज़ार फ़ुट की ऊँचाई पर गई मगर कॉनकॉर्ड की गति 480 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से ज़्यादा नहीं रही. बताया गया कि गति 2080 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है.

ख़राब मौसम की वजह से दो बार पहले भी परीक्षण उड़ानें रद्द हो चुकी थीं.

ब्रितानी सरकार ने इस परियोजना में 15 करोड़ डॉलर से ज़्यादा ख़र्च किया है. ये उम्मीद की जा रही है कि व्यावसायिक रूप से ये विमान 1973 से उड़ेगा जबकि विमान लंदन से न्यूयॉर्क की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे में तय कर लेगा.

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