नौकरानियों पर भिड़े इंडोनेशिया-मलेशिया

  • 6 मार्च 2012
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Image caption नौकरानियों की मुख्य शिकायत पूरा मेहनताना नहीं दिए जाने की है.

मलेशिया में इंडोनेशिया के राजनयिकों का कहना है कि उन्हें मलेशिया सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा नौकरानियों का शोषण करने की रिपोर्टें मिली हैं.

इंडोनेशिया से मलेशिया आकर घरों में काम करने वाली महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए दोनों देशों में एक समझौता है.

इस समझौते के बाद अपनी तरह की ये पहली शिकायत सामने आई है.

इंडोनेशिया ने मलेशिया जाकर घरों में काम करने के लिए अपने नागरिकों पर जून 2009 में प्रतिबंध लगा दिया था.

बहरहाल प्रतिबंध को हटा दिया गया और इंडोनेशिया के नागरिक अगले महीने से मलेशिया जाकर घरों में काम कर सकेंगे.

लेकिन कहा जा रहा है कि शोषण के नए आरोप सामने आने के बाद इस प्रतिबंध को दोबारा लगाया जा सकता है.

शिकायत

इंडोनेशिया की दो महिलाओं की शिकायत है कि मलेशिया के एक वरिष्ठ अधिकारी अपनी पत्नी के साथ मिलकर उनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार करते हैं.

इन महिलाओं का आरोप है कि उन्हें पूरा मेहनताना नहीं दिया जाता और उनसे रात में मालिश करने जैसे काम करने के लिए भी कहा जाता है.

कुआलालम्पुर स्थित इंडोनेशियाई दूतावास ने मलेशिया के इस अधिकारी का नाम जाहिर नहीं किया है.

लेकिन राजनयिकों का कहना है कि इंडोनेशियाई नौकरानियों के साथ दुर्व्यवहार होना आम बात है.

उन्होंने मलेशिया की सरकार से इस बारे में फौरन कार्रवाई करने की मांग की है.

सिफारिश

वरना इंडोनेशिया का दूतावास मलेशिया में अपने नागरिकों के बतौर नौकरानी काम करने पर दोबारा प्रतिबंध लगाने की सिफारिश कर सकता है.

मानवाधिकार समूहों का कहना है कि घरों में काम करने वाले नौकरों के साथ बुरा सुलूक होने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है क्योंकि मौजूदा श्रम कानून उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं.

मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच हुआ समझौता भी इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहता है.

मलेशिया में काम करने वाली इंडोनेशिया की ज्यादातर नौकरानियों की प्रमुख शिकायत ये है कि उन्हें पूरा भुगतान नहीं किया जाता. लेकिन बहुत कम नौकरानियां शारीरिक शोषण की शिकायत की है.

मलेशिया के लाखों परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के लिए इन्हीं नौकरानियां पर निर्भर हैं.

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