खुफिया ई-मेल ने खोले अल-असद के कई राज

  • 16 मार्च 2012
बशर अल-असद और उनकी पत्नी इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption कतर के अमीर की बेटी लगातार बशर अल-असद की पत्नी के संपर्क में थी.

लंदन के अखबार 'द गार्डियन' को मिले हजारों ई-मेल से सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद और वहां चल रहे सरकार विरोधी आंदोलन के बारे में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं.

अखबार ने लगभग तीन हजार ई-मेल हासिल किए हैं, जो बशर अल-असद और उनकी पत्नी ने या तो खुद भेजे हैं या उनको भेजे गए हैं.

अखबार के मुताबिक असद और उनकी पत्नी के निजी आईडी से भेजे गए ये ई-मेल विद्रोहियों के एक दल ने उन्हें दिए हैं.

विद्रोहियों के अनुसार राष्ट्रपति असद के एक बहुत करीबी व्यक्ति ने उन्हें यूजरनेम और पासवर्ड की जानकारी दी थी. उनके अनुसार राष्ट्रपति असद और उनकी पत्नी के ई-मेल तक उनकी पहुंच थी लेकिन फरवरी 2012 में राष्ट्रपति असद को पता चल गया कि उनके ई-मेल लीक हो रहें हैं.

ये सारे ई-मेल जून 2011 और फरवरी 2012 के बीच भेजे गए हैं.

अखबार ने ई-मेल की प्रमाणिकता की पूरी जांच की है और अखबार के अनुसार जांच से पता चलता है कि वे सारे ई-मेल असली हैं लेकिन प्रत्येक ई-मेल की जांच कर पाना संभव नहीं है.

'आराम की जिंदगी'

सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू होने के लगभग एक साल बाद ये ई-मेल सामने आए हैं जिनसे ये भी पता चलता है कि असद परिवार देश में हो रहे उथल पुथल से बिल्कुल बेखबर होकर आराम की जिंदगी गुजार रहा है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सीरिया में विद्रोह शुरू होने के बाद से अब तक लगभग आठ हजार लोग मारे गए हैं और पूरी दुनिया इस बात की गवाह है कि असद प्रशासन किस तरह से विद्रोह को कुचल रहा है.

सीरिया में खाद्य पदार्थों की कमी है और लोगों को कई तरह की दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ई-मेल के अनुसार उसी दौरान बशर अल-असद ने पेरिस से शमादान, टेबल और झूमर मंगवाया जिनकी कीमत लगभग दस हजार पाउंड थी.

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Image caption इस बीच विद्रोहियों के गढ़ होम्स में सीरियाई सेना के हमले जारी हैं.

ई-मेल से मिली जानकारी के कुछ प्रमुख अंश इस प्रकार हैं.

  • राष्ट्रपति असद ने अपने कुछ खास लोगों का एक नेटवर्क बनाया हुआ है जो उन्हें सीधे तौर पर रिपोर्ट करते हैं.
  • कतर के अमीर हामिद बिन खलीफा की बेटी ने राष्ट्रपति असद को परिवार समेत सीरिया छोड़ने की सलाह दी थी और ये भी कहा था कि कतर उन्हें राजनीतिक शरण दे सकता है.
  • अमरीकी प्रतिबंध के कारण असद ने अमरीका में रह रहे एक दोस्त के जरिए ऐपल के आई-ट्यून्स से संगीत का सामान खरीदा.
  • सीरियाई सरकार और असद की पत्नी अपनी खरीदारी के लिए अल-शहबा नाम की दुबई की एक कंपनी का इस्तेमाल करते हैं. उस कंपनी का एक पंजीकृत दफ्तर लंदन में है.

ई-मेल के अनुसार राष्ट्रपति असद पूरे संकट के दौरान ईरान और अपने दूसरे साथियों से सलाह लेते रहें हैं.

दिसंबर 2011 में जब राष्ट्रपति असद ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था तो उनके भाषण को तैयार करने के लिए उनके मीडिया सलाहकार ने ईरानी राजदूत के राजनीतिक सलाहकार समेत कई लोगों से संपर्क किया था.

राष्ट्रपति असद को सलाह दी गई थी कि वो संदेश के दौरान काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल करें और साथी देशों के समर्थन का भी खास तौर पर उल्लेख करें.

ईरान से काफी करीबी संबंध रखने वाले लेबनान के एक प्रमुख व्यवसायी हुसैन मुर्तुजा भी राष्ट्रपति असद के एक प्रमुख सलाहकार हैं.

दिसंबर में अरब लीग पर्यवेक्षकों के सीरिया दौरे के ठीक एक दिन पहले राजधानी दमिश्क में दो धमाके हुए थे जिसके लिए असद ने अल-कायदा को जिम्मेदार ठहराया था. लेकिन हुसैन मुर्तुजा ने उन्हें सलाह दी थी कि वो इस मामले में अल-कायदा का नाम ना लें.

हुसैन मुर्तुजा के अनुसार उन्होंने इस बारे में ईरान और हिज्बुल्लाह दोनों से बात की थी. हालाकि ईरान और हिज्बुल्लाह कहते रहें हैं कि वे सीरिया को केवल नैतिक समर्थन देते हैं.

सलाह

Image caption राष्ट्र को संबोधन के लिए भाषण तैयार करने में ईरानी राजदूत की मदद ली गई थी.

ई-मेल के अनुसार राष्ट्रपति असद के करीबी सलाहकारों में एक नाम खालिद अल-अहमद का है.

खालिद, राष्ट्रपति असद को होम्स और इदलिब के बारे में सलाह देतें हैं. एक ई-मेल के अनुसार खालिद ने असद को जानकारी दी थी कि यूरोप के कुछ पत्रकार लेबनान की सीमा से किस तरह गैर कानूनी तरीके से सीरिया में दाखिल हो गए हैं.

एक और ई-मेल के अनुसार खालिद ने राष्ट्रपति असद को बताया था कि हथियारों से लदा एक जहाज लीबिया से चला है जो सीरिया के एक पड़ोसी देश के पास रूकेगा जहां से वे सारे हथियार सीरिया में बागियों तक पहुंचेगें.

ई-मेल के अनुसार मीडिया से जुड़े मामले में राष्ट्रपति असद अमरीका से शिक्षा हासिल करने वाली दो सीरियाई महिलाओं से सलाह लेते हैं.

उन दो महिलाओं के नाम हैं शहरजाद जाफरी और हदील अल. ई-मेल के अनुसार ये दोनों राष्ट्रपति असद को सोशल मीडिया के महत्व के बारे में लगातार जानकारी देती रहती हैं.

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