समलैंगिक आत्महत्या: भारतीय मूल का छात्र दोषी करार

  • 17 मार्च 2012
रवि धरण इमेज कॉपीरइट AP
Image caption रवि के वकील के मुताबिक यह हरकत उन्होंने एक ‘बचकाने व्यवहार’ के रुप में की.

भारतीय मूल के अमरीकी छात्र रवि धरण को अपने साथ रहने वाले एक समलैंगिक छात्र के पुरुष मित्रों से संबंधों को वेब कैमरे के ज़रिए उजागर करने का दोषी करार दिया गया है.

रटगैर्स यूनिवर्सिटी के पूर्व स्नातक छात्र 20 वर्षीय धरण रवि ने अपने कमरे में एक वेब-कैमरा लगाया और उसके ज़रिए टायलर क्लेमैंटी को अपने एक पुरुष मित्र का चुंबन लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया.

इसके बाद रवि ने घटना के बारे में ट्वीट किया और दो दिन बाद टायलर क्लेमैंटी को एक बार फिर फिल्माने की कोशिश की. अदालती कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि इस वीडियो को लगभग छह लोगों ने देखा.

साल 2010 में हुए इस घटनाक्रम के बाद क्लेमैंटी ने अपनी पहचान उजागर होने और उनके समलैंगिक व्यवहार के जग-ज़ाहिर होने की आशंका के बीच एक पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी.

'सोची-समझी गतिविधि'

अपनी मौत से पहले क्लेमैंटी ने फेसबुक पर लिखा, ‘मैं पुल से कूदने जा रहा हूं और इसके लिए सभी से माफ़ी मांगता हूं.'

न्यू जर्सी की अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों के ज़रिए क्लेमैंटी को लेकर रवि के पूर्वाग्रहों और आत्महत्या की जानकारी मिली.

इस मामले में रवि को दस साल तक की कैद हो सकती है.

अदालत के मुताबिक रवि ने क्लेमैंटी के समलैंगिक होने और पुरुषों के साथ उनके संबंधों को ‘ज़ाहिर’ करने के लिए ऐसा किया और यह एक सोची-समझी गतिविधि थी.

सरकारी वकील के मुताबिक इस बात के पूरे साक्ष्य मौजूद हैं कि रवि को क्लेमैंटी के समलैंगिक होने से परेशानी थी. हालांकि रवि के वकील ने कहा रवि उस वक्त कॉलेज के पहले साल में थे और यह हरकत उन्होंने एक ‘बचकाने व्यवहार’ के रुप में की.