इतिहास के पन्नों में 18 मार्च

  • 18 मार्च 2012

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो पाएगें कि आज ही के दिन साल 2003 में ब्रितानी संसद ने ईराक पर हमले को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया था. आज ही के दिन दुनिया के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ी कलाकृतियों की चोरी अमरीका में हुई थी.

2003 : इराक युद्ध पर ब्रितानी प्रधानमंत्री को संसद का बहुमत

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Image caption अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सद्दाम हुसैन को 48 घंटों का वक़्त देते हुए कहा था कि वो इराक छोड़ कर चले जाएँ

इसी दिन साल 2003 में ब्रिटेन की संसद ने ब्रिटेन के अमरीका के साथ मिल कर इराक पर हमले को बहुमत के साथ सही ठहराया था. एक तरफ बहस चला रही थी दूसरी तरफ ब्रिटेन, अमरीका, स्पेन, इटली, पोलैंड, ऑस्ट्रेलिया और डेनमार्क इराक में सद्दाम हुसैन के खिलाफ अपना अभियान शुरू कर चुके थे. इस युद्ध पहले इराक - अमरीका युद्ध या बाद में अमरीका अफगानिस्तान युद्ध की तरह संयुक्त राष्ट्र महासभा का कोई बड़ा कानूनी समर्थन प्राप्त नहीं था. इस हमले पर बहस के बाद ब्रितानी सरकार को 149 के मुकाबले 412 सदस्यों का समर्थन प्राप्त हुआ. टोनी ब्लेयर शासन का यह एक महत्वपूर्ण दिन था क्योंकि उनकी पार्टी के कई सांसदों ने बगावत कर दी थी. सरकार के तीन मंत्रियों, जॉन डैनहैम, और रॉबिन कुक ने अपनी ही सरकार के फैसले के खिलाफ इस्तीफा दे दिया था. संसद में बहस के दौरान सरकार के एटॉर्नी जनरल ने कहा था कि पूर्व में पास संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुसार यह युद्ध जायज़ है. इसके पहले 17 मार्च को अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सद्दाम हुसैन और उनके बेटों उदय और कुसय को 48 घंटों का वक़्त देते हुए कहा था कि वो इराक छोड़ कर चले जाएँ.

1990 : अमरीकी संग्रहायल से 500 मिलियन डॉलर की कलाकृतियों की चोरी

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Image caption संग्राहलय ने 50 लाख डॉलर का ईनाम भी घोषित किया लेकिन इन कलाकृतियों का कभी कोई पता नहीं लगा.

आज ही के दिन साल 1990 में अमरीका के बोस्टन में मौजूद द ईसाबेला स्टीवर्ट गार्डनर म्यूजियम में दो चोर बोस्टन पुलिस के अधिकारीयों की वर्दी में जा पहुंचे और तेरह बहुमूल्य पेंटिंग चुरा ले गए. वो संग्रहालय में यह कह कर दाखिल हुए कि उन्हें एक आपात टेलीफ़ोन कॉल मिला है ड्यूटी पर मौजूद सिपाही ने उनके बात मान कर दरवाज़ा खोल दिया और उन्हें सुरक्षा नियंत्रण कक्ष में अन्दर आने दिया.

अन्दर आने के बाद चोरो ने गार्ड को कहा कि उनके पास गार्ड के खिलाफ वॉरंट है और वो अपने दुसरे साथी को बुला कर अपना काम उसे सौंप दे. गार्ड अपने दुसरे साथी को बुलाने गया औत अलार्म के बटन के पास से हट गया. गार्ड के साथी के आने के बाद चोरों ने दोनों को हथकड़ियां लगा दीं और तहखाने में ले जर बंद कर दिया.

अगले दिन ड्यटी पारी बदलने पर आये गार्डों को घटना का पता लगा. चोर रेम्ब्रां, वरमीर, और देगास जैसे महँ कालजयी कलाकारों की बनाए 13 चित्र चुरा ले गए. यह दुनिया के इतहास के आज तक की सबसे बड़ी कलाकृतियों की चोरी मानी जाती है. संग्राहलय ने 50 लाख डॉलर का ईनाम भी घोषित किया लेकिन इन कलाकृतियों का कभी कोई पता नहीं लगा.

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