दस्तावेजों से खुले मार्ग्रेट थैचर के कई राज़

थैचर इमेज कॉपीरइट AP
Image caption अस्सी के दशक में कई सार्वजनिक मंचों पर थैचर और मर्डोक एक साथ आए

ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थैचर के प्रेस सचिव रहे बर्नाडइंघम अपने एक नोट में लिखा है कि दुनिया के सबसे बड़े मीडिया साम्राज्यों में से एक न्यूज़ कॉरपोरेशन के मालिक रुपर्ट मर्डोक ने 1981 में टाइम्स समूह के अखबारों को खरीदने से पहले ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थैचर से खुफिया मुलाकातें की थी.

उस समय मार्गेट थैचर के प्रेस सचिव रहे इंघम ने लिखा है कि मार्ग्रेट थैचर ने मर्डोक द्वारा उन्हें इस मुद्दे पर हो रही प्रगति के बारे में बताते रहने के लिए धन्यवाद किया था लेकिन इस नीलामी में बोली किसे दी जाए इस विवादास्पद मुद्दे पर दोनों के बीच कोई चर्चा नहीं हुई थी.

टाइम्स अखबार के आधिकारिक कागज़ों में साफ लिखा है कि उस दौरान दोनों शख्सियतों के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई थी.

अब मार्गेट थैचर के नाम पर बने ट्रस्ट ने इससे संबंधित कागज़ात जारी किए हैं.

बर्नाड इंघम द्वारा लिखे इस नोट में 4 जनवरी 1981 को चेकर्स बिल्डिंग में थैचर और इंघम के बीच हुई एक मुलाकात की चर्चा करते हुए कहा गया है कि इसे व्यवसायिक रुप से गोपनीय समझा जाए.

इस नोट में मर्डोक द्वारा टाइम्स अखबार और उसके कुछ हिस्सों को थॉम्पसन समूह से खरीदने के इरादों के बारे में बताया गया था.

अभिलेखागार की ओर से जारी किए गए कुछ कागज़ों में उस दौरान कुछ सांसदों द्वारा भितरघात करने, रोनाल्ड रीगन के बेकार के कामों में समय बर्बाद करने और थैचर के एक छोटी लड़की जिसके माता-पिता तलाक ले रहे थे उसको चिट्ठी लिखने का भी ज़िक्र है.

आदमियों की कमी

बर्नाड के मुताबिक, रुपर्ट मर्डोक ने श्रीमती थैचर से कहा कि वे टाइम्स अखबार को सफल बनाने के लिए कुछ नई तकनीक लागू करने के साथ-साथ कर्मचारियों की 25 प्रतिशत तक छंटनी करना चाहते हैं.

इस दौरान उन्होंने धीरे-धीरे आगे बढ़ने की बात कही और इस बात पर अड़े रहे कि अखबार की छपाई लंदन में ही होनी चाहिए.

हालांकि इस बैठक के दौरान इस बात पर कोई चर्चा नहीं हुई थी कि मर्डोक की बोली की पैरवी एकाधिकार और अधिग्रहण की निगरानी करने वाली संस्था मोनोपोलिज़ एंड मर्जर्स कमिशन के सामने की जाए या नहीं.

उस समय मर्डोक पहले से 'द सन' और 'न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड' अखबार के मालिक थे.

1973 के फेयर ट्रेडिंग एक्ट के तहत ये कानून बनाया गया था कि सभी महत्वपूर्ण अखबारों पर अधिकार पाने की प्रक्रिया एकाधिकार और अधिग्रहण की निगरानी करने वाली संस्था 'मोनोपोलिज़ एंड मर्जर कमिशन' के आगे रखा जाएगा और इस नियम से तभी छूट मिल पाएगी जबतक कि विदेशमंत्री किसी कंपनी के लिए इस प्रक्रिया के गैर फायदेमंद होने की चिट्ठी ना जारी कर दे.

अंत में मर्डोक के लिए ये खरीद बिना किसी औपचारिकता के इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि तब तक टाइम्स अखबार को काफी बड़ा घाटा हो गया था और अखबार के मालिक थॉम्पसन समूह ने बेकारी की हालत में छंटनी शुरु कर दी थी.

हालांकि 'द संडे टाइम्स' उस समय फायदे में चल रहा था और ऐसी उम्मीद जतायी जा रही थी कि अखबार जल्द ही मुनाफा कमाएगा.

नियंत्रण पाने की इस पूरी प्रक्रिया पर 26 जनवरी 1981 को सरकार की आर्थिक रणनीतियों पर की गई कैबिनेट बैठक में विचार किया गया था.

इस बैठक की अध्यक्षता मार्ग्रेट थैचर ने किया था.

1992 से मार्ग्रेट थैचर के सहयोगी रहे इतिहासकार क्रिस कॉलिंस ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि मर्डोक और थैचर के बीच हुई इस बैठक की जानकारी उनके लिए बिल्कुल नई है.

कॉलिन्स के मुताबिक ये बैठक किसी राजैनतिक समझौते के लिए नहीं की गई थी.

कॉलिन्स का कहना है,''मर्डोक की सबसे बड़ी खूबी ये थी कि उन्हें अपनी स्थिती का पूरा ज्ञान था. वो जानते थे कि वो इकलौते ऐसे इंसान हैं जो टाइम्स अखबार को चला सकते हैं और यही उन्होंने थैचर के सामने भी कहा.''

न्यूयॉर्क में मुलाकात

बर्नाड के नोट के अंत में ये लिखा हुआ है कि कैसे मार्ग्रेट थैचर ने इस कार्यवाही के बारे में जानकारियां देने के लिए मर्डोक को धन्यवाद किया था.

अभिलेखागार के एक और पत्र में मर्डोक ने बाद में लिखा है,''दस दिन पहले चेकर्स पर मैंने आपको सप्ताहंत में परेशान किया और आपने इसका बुरा नहीं माना इसके लिए आपका धन्यवाद करता हूं. टाइम्स अखबार का कामकाज आगे बढ़ रहा है और थॉम्पसन समूह अगले दो-तीन दिनों में फैसला ले लेंगे.''

वैपिंग में दिक्कतें

टाइम्स अखबार का सफलतापूर्वक अधिग्रहण करने के बाद रुपर्ट मर्डोक ने पूर्वी लंदन के वैपिंग में न्यूज़ इंटरनैश्नल प्रिंटिंग प्लांट की स्थापना की थी.

1986 में प्लांट में कर्मचारियों की छंटनी और काम करने के खराब माहौल के कारण उग्र प्रदर्शन हुआ. ये ब्रिटेन में अब तक का होने वाला सबसे कड़वा औद्योगिक विवाद था जो एक साल तक चला. इस झगड़े ने ब्रिटेन में छपाई यूनियन की ओर से अखबार उद्योग पर ताकत चलाने की परंपरा का अंत कर दिया.

इमेज कॉपीरइट PA
Image caption मार्ग्रेट थैचर को उनके मज़बूत इरादों के लिए आयरन लेडी की उपाधि दी गई थी.

ब्रिटेन में मार्ग्रेट थैचर द्वारा यूनियनों का असर कम करने वाला कानून लाने लिए 1984-85 में खदानों में काम करने वाले मज़दूरों की हड़ताल और वैपिंग में पैदा हुई इस समस्या को ज़िम्मेदार माना जाता है.

मर्डोक और थैचर के बीच 1981 में हुई इस बैठक की जानकारी लेवेजन इन्क्वायरी के उन सबूतों के बाद आयी है जिनमें कथित तौर पर उस समय ब्रिटेन के नेताओं और प्रेस के बीच नज़दीकी संबंधों के बारे में बताया गया है.

लेवेसन इन्क्वायरी न्यूज़ इंटरनेश्नल में फोन हैकिंग मामले के बाद जुलाई 2011 में ब्रिटेन के प्रेस, नेताओं और पुलिस के बीच संबंधों की जांच के लिए शुरु हुआ है.

ग्राहम स्टीवर्ट द्वारा 1981-2002 तक टाइम्स अखबार में हुई घटनाओं का विवरण देने वाली किताब द हिस्ट्री ऑफ टाइम्स के सातवें अध्याय में मार्ग्रेट थैचर और रुपर्ट मर्डोक के बीच किसी तरह की मुलाकात से इंकार किया गया था.

टाइम्स समूह के प्रकाशकों ने जारी की गई इन जानकारियों पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

संबंधित समाचार