उग्रवादी मुसलमान प्रचारकों को घुसने नहीं देंगे: सारकोजी

  • 26 मार्च 2012
निकोला सारकोजी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption फ्रांस में अप्रैल में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने हैं और सारकोजी दोबारा राष्ट्रपति बनने की दौड़ में शामिल हैं

अगले महीने होने वाले चुनाव के पहले चरण से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोजी ने कहा है कि वे उग्रवादी मुसलमान प्रचारकों को देश में घुसने नहीं देंगे.

सारकोजी ने ये भी कहा कि वे अप्रैल में होने वाले इस्लामी सम्मेलन में उग्रवादी प्रचारकों को शामिल होने की अनुमति नहीं देंगे.

खुद को अल-कायदा का सदस्य बताने वाले एक बंदूकधारी ने फ्रांस में हाल ही में तीन सुरक्षाकर्मियों और चार यहूदी नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. सारकोजी के ये उपाए ऐसी घटनाओं को रोकने के तरीकों का हिस्सा हैं.

मीडिया को दिए विभिन्न साक्षात्कारों में सारकोजी ने फ्रांस में आयोजित होने वाले इस्लामी सम्मेलन का खास तौर पर जिक्र किया.

उन्होंने कहा, ''इस सम्मेलन में कुछ ऐसे लोगों को आमंत्रित किया गया है जिनका फ्रांस की धरती पर स्वागत नहीं है.''

उन्होंने मिस्र के सुन्नी मौलवी यूसुफ अल-करादवी की ओर संकेत किया जो कतर में रहते हैं.

करादवी को राजनयिक पासपोर्ट हासिल है और फ्रांस में दाखिल होने के लिए उन्हें वीजा की जरूरत नहीं है.

लेकिन सारकोजी ने कहा कि उन्होंने कतर के अमीर से बात की है और करादवी को फ्रांस के लिए रवाना होने की मंजूरी नहीं दी जाएगी.

सुन्नी मौलवी यूसुफ अल-करादवी ने इसराइल में फलस्तीन के आत्मघाती हमलावरों का समर्थन किया था. वर्ष 2008 में उन्हें ब्रिटेन आने की अनुमति नहीं दी गई थी.

चुनाव प्रचार

फ्रांस में नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए पहले दौर का चुनाव अगले महीने होने वाला है. सारकोजी दोबारा राष्ट्रपति बनना चाहते हैं लेकिन उन्हें अपने समाजवादी प्रतिद्वंद्वी फ्रैंकोइस होलैंडे से कड़ी चुनौती मिल रही है.

जनमत सर्वेक्षणों में सारकोजी समाजवादी फ्रैंकोइस होलैंडे से पीछे चल रहे थे. लेकिन खुद को अल-कायदा का सदस्य बताने वाले हमलावर मोहम्मद मेराह के बीते हफ्ते मारे जाने के बाद सारकोजी की लोकप्रियता बढ़ी है.

मेराह के मारे जाने के फौरन बाद सारकोजी ने इस्लामी चरमपंथ की पैरवी करने वाली वेबसाइटों और चरमपंथ के प्रशिक्षण के लिए विदेश जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संबंधी योजनाओं की घोषणा की थी.

उन्होंने दक्षिणपंथी नेशनल फ्रंट की उम्मीदवार मेरीन ले पेन को भी आड़े हाथों लिया.

मेरीन ने मेराह की हरकत को आव्रजन से जोड़ने की कोशिश की थी. इस पर सारकोजी ने कहा कि किसी अपराध को आव्रजन या इस्लाम से जोड़ने की कोई तुक नहीं है क्योंकि मेराह का जन्म फ्रांस में हुआ था और वो फ्रांस में ही पला-बढ़ा था.

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