टूलूज़ मामले के अभियुक्त 'मेराह' के पिता फ्रांस सरकार के खिलाफ़ केस लड़ेगे

  • 29 मार्च 2012
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Image caption मोहमद मेराह के पिता बेनलाल मेराह का कहना है उनके बेटे को ज़िदा पकड़ा जा सकता था लेकिन उसे मार दिया गया

फ्रांस के टूलूज़ शहर के एक अपार्टमेंट में सात लोगों की हत्या करने वाले 23 वर्षीय युवक मोहमद मेराह के पिता एक अलजीरियाई वकील की मदद ले रहे हैं.

फ्रांस की मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार मेराह के पिता इस वकील की मदद से फ्रांस पुलिस पर उनके बेटे की हत्या के संबंध में केस दर्ज करेंगे.

23 साल के मेराह पर आरोप है उन्होंने एक हफ्ते पहले टूलूज़ के एक अपार्टमेंट में बंधक बनाने के बाद तीन बच्चों समेत सात लोगों की हत्या कर दी थी. बाद में पुलिस द्वारा अपार्टमेंट की घेराबंदी और वहां की गई कार्रवाई में मेराह की भी मौत हो गई थी.

अलजीरिया में रहने वाली वकील ज़ाहिया मोख्तारी ने फ्रांस की मीडिया को बताया कि मेराह के पिता मोहमद बेनलाल को लगता है कि उनके बेटे की हत्या की गई है.

मोहमद बेनलाल द्वारा पुलिस पर केस दर्ज करने के फैसले की फ्रांस के नेताओं ने निंदा की है.

फ्रांस के विदेश मंत्री एलन जुप्पे ने कहा कि,''अगर मैं ऐसे हैवान का पिता होता, तो शर्म से अपना मूंह बंद रखता.''

अलकायदा से संबंध नहीं

बेनलाल द्वारा तय की गई वकील ज़ाहिया मोख्तारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि फ्रांस और अलजीरिया के बीच हुए एक समझौते के अनुसार दोनों देशों के वकीलों को इस बात की अनुमति मिली हुई है कि वे एक दूसरे के देश में जाकर मुकदमा लड़ सकते हैं.

मोख्तारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, ''बेनलाल मेराह मंगलवार को हमारे दफ्तर आए थे. उन्होंने हमसे औपचारिक तौर पर कहा है कि हम उनकी तरफ से फ्रांस की सुरक्षा सेवा पर मोहमद मेराह को गिरफ्तार करने की कोशिश करने और बाद में उसकी हत्या की कार्रवाई के दौरान नियमों की अनदेखी करने के लिए मुकदमा दर्ज करे.''

मोहमद मेराह की 22 मार्च को टूलूज़ के अपने फ्लैट में तब मौत गई थी जब पुलिस ने उनके अपार्टमेंट की लगातार 32 घंटे तक घेराबंदी की थी. मेराह पर आरोप था कि उन्होंने दो अलग-अलग हमलों में तीन सैनिकों और यहूदियों के स्कूल के एक शिक्षक और तीन छात्रों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

अलजीरियाई मूल के मेराह का जन्म फ्रांस में हुआ था. उन्होंने कथित तौर पर पुलिस को बताया था कि वो फलस्तीनी बच्चों से बदला लेना चाहते थे और दूसरे देशों के मामले में दखलंदाज़ी करने के लिए फ्रांस की फौज को सबक सिखाना चाहते थे.

अलजीरिया में रह रहे मेराह के सौतेले भाई रैचि़ड मेराह के अनुसार फ्रांस के खुफिया विभाग ने बड़ी चालाकी से मेराह का इस्तेमाल किया है और उसके भाई का अलकायदा से कोई संबंध नहीं था.

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Image caption मेराह ने कुछ दिन पहले तीन स्कूली बच्चों समेत सात लोगों की हत्या कर दी थी

रैचिड मेराह का कहना है, ''मैं आधिकारिक तौर पर इस आरोप से इंकार करता हुं कि मेरे भाई मोहमद मेराह का चरमपंथी संगठन अलकायदा या किसी अन्य आतंकवादी संगठन से किसी तरह का कोई रिश्ता था, और ये सच इस बात से साबित होती है कि फ्रांस की पुलिस ने उसे अदालत में अपनी बात कहने का मौका दिए बगैर उसे मार डाला जबकि वे चाहते तो उसे ज़िंदा भी पकड़ सकते थे.''

मोहमद मेराह का परिवार उन्हें अलजीरिया में दफनाना चाहता था लेकिन अलजीरिया के अधिकारियों ने उनके इस आग्रह को औपचारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया था.

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