इंडोनेशिया में मिनी स्कर्ट पहनना 'अश्लीलता के बराबर'

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Image caption इंडोनेशिया में अश्लीलता फैलाने वालों पर कड़ाई करने के लिए एक टास्कफोर्स बनाया गया है

इंडोनेशिया के धार्मिक मामलों के मंत्री का मानना है कि छोटी लंबाई का स्कर्ट पहनना अश्लीलता है और इस पर देश में अश्लीलता के खिलाफ लागू किए गए नए कानून के तहत रोक लगा देनी चाहिए.

सूर्यधर्मा अली का ये बयान देश के प्रभावशाली इस्लामिक सलाहकार समिति की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए आया है.

अंग्रेज़ी अखबार 'द संडे मॉर्निंग हेराल्ड' में छपी खबर के अनुसार इंडोनेशिया में धार्मिक मामलों के मंत्री सूर्यधर्मा अली ने कहा, ''अश्लीलता के मापदंड का तब उल्लंघन होता है जब कोई घुटने से उपर तक छोटी लंबाई वाली स्कर्ट पहनता है.''

डॉ सूर्यधर्मा इंडोनेशिया के यूनाईटेड डेवेलपमेंट पार्टी के नेता हैं और उन्हें इंडोनेशिया में अश्लीलता फैलाने वालों पर कड़ाई करने के लिए बनाए गए टास्कफोर्स का हाल ही में प्रमुख बनाया गया है. इस विशेष दस्ते को राष्ट्रपति सूसीलो बामबैंग यूधोयोना का समर्थन मिला हुआ है.

हालांकि सूर्यधर्मा ने कहा है कि किसी भी चीज पर पाबंदी लगाने से पहले टास्कफोर्स सभी लोगों के साथ मिल बैठ कर ये तय करेगा कि ''अश्लीलता का व्यापक मापदंड क्या है.''

सूर्यधर्मा के अनुसार,''अश्लीलता को हम सब महसूस कर सकते हैं, लेकिन हमें इसका एक मापदंड तय करना होगा. छोटी लंबाई वाली स्कर्ट पहनना भी अश्लीलता के मानकों का उल्लंघन है.''

बयान का समर्थन

इंडोनेशिया के सभी इस्लामिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली उलेमा समिति ने सूर्यधर्मा के बयान का समर्थन किया है.

उलेमा समिति के फतवा विभाग के उपसचिव अमीनुद्दीन ने समाचार वेबसाइट detik.com को कहा, ''इस्लामिक शरिया कानून के मुताबिक औरतों को ना सिर्फ लंबी स्कर्ट पहननी चाहिए बल्कि उनको अपने शरीर के सभी निजी अंगों को भी ढंककर रखना चाहिए.''

हालांकि सूर्यधर्मा ने ये नहीं बताया कि बाली जैसी पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाएगा.

धार्मिक मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने समाचार पत्र द-एज को बताया कि अभी तक इस तरह का कोई निर्देश नहीं आया है कि जो लोग इस अश्लीलता विरोधी अभियान का विरोध करेंगे उनसे कैसे निपटा जाएगा.

इसी महीने की शुरुआत में इंडोनेशिया की संसद के अध्यक्ष मारज़ूकी अली ने कहा था कि वे ऐसा कानून बनाएंगे जिसमें महिला नेताओं और कर्मचारियों से छोटी स्कर्ट पहनने की आजादी छीन ली जाएगी क्योंकि इससे आसपास के लोगों का ध्यान बंटता है.

वो आगे कहते हैं, ''हाल फिलहाल के दिनों में बलात्कार और महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले बढ़े हैं क्योंकि महिलाओं के कपड़े पहनने का तरीका सही नहीं है.''

उनका मानना है कि महिलाओं के गलत पहनावे से पुरुष उनके साथ दुर्व्यवहार करने के लिए प्रेरित होते हैं.

ध्यान बंटाने की कोशिश

इंडोनेशिया में इस अश्लीलता विरोधी टास्कफोर्स को जरूरी मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

राष्ट्रपति यूधोयोनो की सत्ताधारी पार्टी भ्रष्टाचार और कई तरह के विवादों के आरोपों में फंसी हुई है और इसी हफ्ते देश में पेट्रोल की कीमतें भी बढ़ाए जाने की आशंका हैं.

इंडोनेशिया में आमतौर पर इस्लाम का उदार चेहरा नजर आता है लेकिन पिछले दशक में यहां भी किए गए कई फैसलों से रुढ़ीवादी रवैया झलका है.

नारीवादी संस्थाओं और मानवाधिकारी संगठनों ने कपड़ों को केंद्र में रखकर की जानेवाली टीका टिप्पणी का विरोध किया है्.

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Image caption नारीवादी संस्थाओं ने कपड़ों को केंद्र में रखकर की जानेवाली टीका टिप्पणी का विरोध किया है्

महिलाओं पर होने वाली हिंसा के खिलाफ़ काम करने वाली एक इंडोनेशियाई संस्था की प्रवक्ता ने मिनी स्कर्ट को बैन करने के फैसले को महिला अधिकारों का हनन बताया है.

वो कहती हैं, ''ऐसी कई महिलाएं हैं जिनके पारंपरिक कपड़े पहने रहने के बावजूद उनके साथ बलात्कार किया गया है.''

प्रवक्ता के अनुसार यौन उत्पीड़न का संबंध ना तो अश्लीलता से है और ना ही स्कर्ट की लंबाई से.

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