उत्तराखंड कांग्रेस को, झारखंड में गिनती रुकी

  • 30 मार्च 2012
संसद
Image caption फिलहाल राज्यसभा में कांग्रेस को बहुमत हासिल नहीं है.

राज्यसभा की तीन सीटों के लिए झारखंड और उत्तराखंड में शुक्रवार को मतदान हुए. उत्तराखंड में कांग्रेस के महेंद्र सिंह म्हारा ने भारतीय जनता पार्टी के अनिल गोयल को हरा दिया. वहीं झारखंड में विधायकों के कथित खरीद फरोख्त के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने मतों की गिनती रोक दी है.

झारखंड में काफी गहमा-गहमी के बीच दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हुए जिसके बाद चुनाव आयोग ने चुनाव पैनल की अनुमति के बिना मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू करने से मना कर दिया.

झारखंड विकास मोर्चा के प्रमुख बाबूलाल मरांडी की ओर से लगाए गए विधायकों की कथित खरीद फरोख्त के आरोपों के बाद आयोग ने ये फैसला लिया है.

आरोप

खरीद फरोख्त के आरोपो के बीच आयकर विभाग ने झारखंड में अवैध तरीके से ले जाए जा रहे रूपए भी जब्त किए.

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी का कहना है कि आयकर विभाग ने राजधानी रांची के नामकुम इलाके से 2.15 करोड़ रूपए बरामद किए हैं.

ऐसा कहा जा रहा है कि इस रकम का इस्तेमाल राज्य सभा चुनाव के लिए हुए मतदान के दौरान किया जाना था. विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह कार राज्य सभा चुनाव के एक उम्मीदवार की है.

विभाग के सूत्रों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक इन्नोवा कार में बड़ी रकम विधायकों को खरीदने के लिए ले जाई जा रही थी. विभाग के अधिकारियों नें कार को रोक कर उसकी तलाशी ली तो काफी बड़ी रक़म बरामद हुई. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

शुक्रवार को मतदान के दौरान बीजेपी के खेमे में काफी उलझन देखी गई, झारखंड से नामांकन भरने वाले निर्दलीय उम्मीदवार अप्रवासी भारतीय अंशुमन मिश्रा ने भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद पार्टी में भारी हड़कंप मचा था.

बाद मे अंशुमन मिश्र ने अपनी उम्मेदवारी वापस ले ली थी जिसके बाद राज्यसभा की दो सीटों के लिए मैदान में पांच उम्मीदवार बचे जिसमे दो निर्दलीय शामिल हैं.

इनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा से सुनील कुमार, कांग्रेस से प्रदीप कुमार बालमुचू और झारखंड विकास मोर्चा की तरफ से पार्टी के महासचिव प्रवीन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं.

इक्यासी सदस्यों वाली झारखंड विधान सभा में किसी भी दल के पास बहुमत नहीं है.

उत्तराखंड

उत्तराखंड में राज्यसभा की एक ही सीट के लिए मतदान हुए जिसमें सत्ताधारी कांग्रेस के महेंद्र सिंह म्हारा ने भाजपा के अनिल गोयल को आठ वोटों से परास्त कर दिया. महेंद्र सिंह म्हारा हरीश रावत के करीबी माने जाते हैं.

देहरादून से स्थानीय पत्रकार शालिनी जोशी का कहना है कि अभी-अभी मुख्यमंत्री नियुक्त हुए विजय बहुगुणा के लिए पद संभालने के बाद दूसरा मौका था जब उन्हें अपनी उपयोगिता और प्रभाव साबित करना था.

कांग्रेस के उम्मीदवार महेंद्र सिंह म्हारा की उम्मीदवारी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरीश रावत के बीच हुए छह बिंदुओं के समझौते का ही हिस्सा था जिसमें कहा गया था कि राज्यसभा की सीट हरीश रावत के करीबी को दी जाएगी.

कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने विधायकों को सदन में मौजूद रहने और मतदान में हिस्सा लेने के लिए व्हिप भी जारी किया था.

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