चार कमरे और 69 पालतू जानवर!

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Image caption दंपत्ती के पड़ोसियों ने शिकायत की है कि पाले गए कुत्तों के शोर से उन्हे दिक्कत होती थी

ब्रिटेन के सोमरसेट में 56 कुत्तों और 13 अन्य जानवरों को पालने वाले एक दंपत्ती ने जानवरों पर अत्याचार के नौ आरोप कबूले हैं.

चालीस वर्षीय जेम्स हुड और उनकी 31 वर्षीय पत्नी निकोला हुड कुल 69 पालतू जानवरों को सोमरसेट स्थित अपने चार कमरों के घर में रखते थे.

टाउटन के मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए जानवरों की देखरेख करने वाली संस्था आरएसपीसीए के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल जब अधिकारियों की टीम ने दंपत्ती के घर पर छापा मारा तो उन्हें ‘कुत्तों के समुद्र’ से सामना करना पड़ा.

दंपत्ती को जमानत पर रिहा कर दिया गया था और अब इस मामले पर अदालत 19 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगी.

हुड परिवार के पास कुल 56 कुत्ते थे जिसमें हस्कीज़, जर्मन शेफ़र्ड, रॉटवीलर्स और अन्य कई नस्लों के कुत्ते शामिल थे. उनके पास तीन पालतू बिल्लियां भी थी जिन्हें बाथरूम में रखा जाता था. छह चिड़िया भी थे जो गंदे पिंजरों में रखे जाते थे.

अधिकारियों ने अदालत को बताया कि छापे के दौरान उन्होंने पाया कि दंपत्ती का नौ महीने का बच्चा जिस बिस्तर पर सोया था उस पर पक्षियों का मल पड़ा हुआ था.

'जानवरों पर ज्यादतियां'

दंपत्ती ने अदालत में माना कि उनके वजह से जानवरों को गैरजरूरी ज्यादतियां सहनी पड़ी. उन्होंने ये भी माना कि जानवरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वो जरूरी कदम नहीं उठा पाए.

सरकारी वकील नील स्कॉट ने अदालत को बताया कि कई जानवर की आंख, दांत, कान और त्वचा संबंधी बिमारियों से ग्रस्त है.

दंपत्ती के पड़ोसियों ने शिकायत की है कि पाले गए कुत्तों के शोर से उन्हे दिक्कत होती थी, साथ ही उनके शरीर से निलकती बदबू से वो त्रस्त थे.

बचाव पक्ष के वकील इयान डेनली ने कहा, “दंपत्ती अपने घर का इस्तेमाल जानवरों को शरण देने के लिए कर रहें थे, उन्हें कोई और रखने को तैयार नहीं था.”

अभी तक ज्यादातर कुत्तों को दूसरे घरों में बसा दिया गया है और केवल आठ जीव रक्षा केन्द्र में रखे गए है.

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