भूख हड़ताल पर बैठी फलस्तीनी महिला रिहा हुई

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Image caption शलाबी पर कोई आरोप नहीं लगा था. तस्वीर एएफपी

चालीस दिनों से भी ज्यादा समय से भूख हड़ताल पर बैठी एक फलस्तीनी महिला को इसरायली अधिकारियों ने रिहा करके गजा भेज दिया है.

हना शलाबी नामक इस महिला को सुरक्षा के लिए खतरे की आशंका में इसरायली अधिकारियों ने फरवरी महीने में हिरासत में लिया था. लेकिन उनपर आरोप तय नहीं किया गया था.

शलाबी ने भूख हड़ताल इसलिए शुरु किया था कि इसरायल उनपर आरोप तय करे.

शलाबी का कहना था कि वो अपना उपवास इस शर्त पर तोड़ने के लिए राज़ी हो गईँ थीं कि उन्हें तीन वर्ष के लिए गजा भेजा जाएगा.

हना शलाबी की रिहाई के बाद उनकी मां बादिया अहमद शलाबी ने कहा कि उनकी बेटी का स्वास्थ्य बहुत गिर गया है. उन्होंने कहा, "उसका स्वास्थ्य देखकर तो मुझे यही लगा कि वो लगभग मर चुकी है. करीब 46 दिनों की भूख हड़ताल के बाद वह बोलने में भी असमर्थ है. उसके साथ धोखा किया गया. इसरायल ने उस पर दबाव डाला कि या तो वो गज़ा चली जाए नहीं तो उसे पूरी उम्र जेल में गुज़ारनी होगी."

स्वागत

रिहाई के बाद जब शलाबी एर्ज होते हुए गजा पंहुची तो दर्जनों इस्लामिक जिहाद समर्थकों और हमास समर्थकों ने उनका स्वागत किया.

उसके बाद उन्हें गजा के एक स्थानीय अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया.

पिछले हफ्ते मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनैशनल ने इसराइल से कहा था कि वो या तो शलाबी पर आरोप तय करे नहीं तो उन्हें छोड़ दे क्योंकि भूख हड़ताल की वजह से वो इतनी कमजोर हो गई हैं कि मर भी सकती है.

पिछले महीने एक दूसरे फलस्तीनी कैदी खादेर अदनान ने अपना 66-दिनों का भूख हड़ताल तब तोड़ा था जब इसरायल ने उन्हें अप्रैल में रिहा करने का वादा किया था.