कैसे ढूँढते हैं विकलांग अपना प्यार

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Image caption द अनडेटेबल्स - ये डॉक्यूमेंट्री ब्रिटेन के चैनल फ़ोर पर तीन कड़ियों में दिखाई जाएगी

ब्रिटेन में एक टीवी चैनल पर एक डॉक्यूमेंट्री सिरीज़ शुरू हुई है – द अनडेटेबल्स – या ऐसे लोग जिनसे डेटिंग या मित्रता नहीं की जाती.

पिछले कुछ हफ़्तों से सोशल मीडिया में इसे लेकर ख़ासी चर्चा हो रही है, मुख्यतः इसके भड़काउ नाम पर. मगर सिरीज़ बताती है कि ये सच्चाई है, कई लोगों के लिए रोमांस इतना आसान नहीं होता.

दरअसल ये सिरीज़ विकलांग लोगों की ज़िंदगी के बारे में है जिसमें बताया गया है कि विकलांगों को डेटिंग में किस तरह की जटिल परिस्थितियों से गुज़रना पड़ता है.

वैसे ऐसे बहुत सारे विकलांग लोग हैं जो आराम से वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं या उन्हें अपने प्रेमी मिल गए हैं. मगर कई ऐसे हैं जिन्हें तरह-तरह के जटिल अनुभवों से गुज़रना पड़ा है.

परेशानियाँ

सबसे पहली दिक्कत तो किसी के साथ किसी भी तरह का संपर्क स्थापित करने मे ही होती है, जो कि किसी भी संबंध की पहली कड़ी होती है.

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Image caption शैनन मरे कहती हैं कि विकलांगता को नहीं छिपाने के बाद उनके पास ज़्यादा लोग मित्रता के लिए आए

37 वर्षीय दृष्टिहीन व्यक्ति ऐड्रियन हिग्गिनबॉथम कहते हैं,"आप कमरे में घुसें और आपकी नज़रें मिलें, ऐसा आपके साथ नहीं हो सकता, आप उस व्यक्ति को सामने पाकर मुस्कुरा नहीं सकते जिससे कि आप पहले दो-एक बार मिल चुके हैं."

लीसा जेन्किन्स दूसरी परेशानी की बात बताती हैं. 38 वर्षीय लिसा की उनके एक ऐसे दोस्त के दोस्त के साथ डेटिंग का कार्यक्रम बनाया गया जिसे पता नहीं था कि उन्हें सेरिब्रल पैल्सी है.

लीसा कहती हैं,"हम एक बार मे गए, वो आराम से सीढ़ियाँ चढ़ गया, मैं चलना चाहती थी मगर नहीं चल सकी क्योंकि वहाँ कोई रेलिंग नहीं थी."

उनके मित्र ने फिर जब उनसे पूछा कि क्या वो ठीक हैं, तो उन्होंने उसे अपने सेरिब्रल पैल्सी की बात बताई.

लीसा कहती हैं,"मैं उसके चेहरे पर बदलते भावों को देख सकती थी, मुझमें उसकी रूचि अचानक कम हो गई."

व्हील चेयर पर चलनेवालीं मॉडल शैनन मरे काफ़ी स्वाभिमानी हैं और वे इस बात का पूरा ध्यान रखती हैं कि ऐसी किसी स्थिति से बचा जाए कि उनके साथी को उनकी मदद के लिए आना पड़े और फिर उनका मूड ख़राब हो जाए.

वो कहती हैं,"मैं डेटिंग पर जाते समय ऐसी जगहों पर जाती हूँ जहाँ कि विकलांगों के लिए विशेष टॉयलेट हो और भीतर जाने के लिए सीढ़ियाँ ना हों. मैं नहीं चाहती कि मेरा मित्र मेरे पास ये सोचकर आए कि मुझे सहायता की ज़रूरत है."

मगर वो कहती हैं कि कई बार उनकी मित्रता में उनका ये अति-स्वतंत्रता का स्वभाव आड़े आ गया.

वो कहती हैं,"मैं कुछ ज़्यादा ही स्वतंत्र बनने की कोशिश करने लगी, संतुलन सही रखना बेहद मुश्किल है."

पहचान

इंटरनेट डेटिंग के ज़ोर पकड़ने पर कई विकलांग लोगों को लाभ हुआ, उन्हें लगा वे अपनी पहचान छिपा सकते हें, मगर फिर ये सच्चाई सामने आई कि अगर सचमुच डेटिंग करनी है तो ये लैपटॉप के पीछे छिपकर नहीं हो सकता.

फिर एक और नया जटिल सवाल सामने आया – क्या विकलांगता की बात शुरू में ही बता देनी चाहिए, या पहले जान-पहचान हो जाए, फिर ऐसा किया जाए.

शैनन मरे ने दोनों काम किया. वे बताती हैं कि जब उन्होंने ऑनलाइन डेटिंग शुरू की तो वे नर्वस थीं और उन्होंने अपनी विकलांगता के बारे में नहीं बताया, केवल कमर से ऊपर की ही तस्वीरें लगाईं.

वे कहती हैं,"मेरा कई लोगों से ई-मेल संपर्क हुआ, जब रिश्ते पक्के लगने लगते, तो मैं उनसे कहती कि मुझे उनको कुछ बताना है. केवल एक व्यक्ति ऐसा था जो ये सुनते ही पीछे हट गया...तब भी वो ईमानदार था, मगर हाँ उसका दिल छोटा था."

मरे ने इसके बाद दूसरा तरीक़ा अपनाया. उन्होंने अपनी ऐसी तस्वीरें लगाईं जिनमें उनका व्हील चेयर दिखता था.

वे कहती हैं,"मैंने वहाँ अपनी प्रोफ़ाइल में मज़ेदार चीज़ें लिखीं – जैसे यदि वो एवरेस्ट पर चढ़ना चाहते हैं तो मैं उनका साथ नहीं दे सकतीं, लेकिन हाँ मैं नीचे इंतज़ार करती रहूँगी, और तुम्हारे तंबू को गर्म रखूँगी.

"मुझे लगा कि विकलांगता को प्रकट करने के बाद कम लोग आएँगे, मगर तब मेरे पास ज्यादा लोगों के जवाब आए. मैं उस सप्ताह सबसे अधिक लोकप्रिय पाँच महिलाओं में से एक बन गई."

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