यूनेस्को करेगा टाइटैनिक के मलबे का संरक्षण

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Image caption टाइटेनिक ब्रिटेन के साउथैंपटन बंदरगाह से शुरू हुई अपनी पहली यात्रा में ही डूब गया था

संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक एजेंसी डूबे हुए जहाज टाइटैनिक के मलबे का संरक्षण करेगी.

एजेंसी का कहना है कि 700 से ज्यादा तैराक कनाडा के निकट समुद्र में 4000 मीटर की गहराई पर पड़े टाइटैनिक के मलबे के पास जा चुके हैं.

जहाज के डूबने के 100 साल 15 अप्रैल को पूरा हो जाने पर इसे पानी के नीचे के धरोहरों में शामिल कर लिया जाएगा.

साल 2001 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अंतर्गत पानी के नीचे के धरोहरों को गैर-वैज्ञानिक और अनैतिक खोज से बचाया जाना है.

यूनेस्को की महानिदेशक इरीना बोकोवा ने कहा कि टाइटैनिक का डूबना मानवता की याद से जुड़ा है और ये जरूरी है कि ऐसे धरोहर को बताया जाए जहां 1500 लोगों ने अपनी जान बचाई थी.

आवश्यकता

उन्होंने कहा, “ऐसे कई और भी जहाजों के मलबे हैं जिन्हें सुरक्षा की जरूरत है. हम जमीन पर धरोहरों को नुकसान नहीं पहुंचने देते, ऐसा ही डूबे हुए धरोहरों के लिए भी होना चाहिए.”

साल 2001 के सम्मेलन के अनुसार सिर्फ उन्ही जहाजों की सुरक्षा की जाती है जिन्हे डूबे हुए सौ साल या ज्यादा का समय बीत गया हो.

बेल्फास्ट में बना टाइटैनिक ब्रिटेन के साउथैंपटन बंदरगाह से शुरू हुई अपनी पहली यात्रा में ही डूब गया था.

टाइटैनिक न्यूयॉर्क जाते समय कनाडा के न्यूफाउंडलैंड के पास एक बर्फ के चट्टान से टकरा गया जिसके ढाई घंटे बाद ही वो डूब गया.

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