सीरिया में हिंसा जारी, शांतियोजना पर संदेह

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Image caption विरोधियों की ओर से यूट्यूब पर जारी किए गए वीडियो से ली गई होम्स में हिंसा की एक तस्वीर

सीरिया में सरकारी सेना हटाने के लिए तय संयुक्त राष्ट्र की समयसीमा पूरी होने के बावजूद हिंसा थमती नज़र नहीं आ रही है जिससे वहाँ प्रस्तावित शांति योजना को लेकर संदेह पैदा हो गया है.

हाँलाकि सीरियाई शांतियोजना को तैयार करनेवाले संयुक्त राष्ट्र के दूत कोफ़ी अन्नान ने अभी भी शांतियोजना के लागू होने की उम्मीद जताई है.

सीरिया सरकार ने शांति योजना का पालन करने का भरोसा दिया था जिसके तहत मंगलवार को सेना को आबादी वाले इलाक़ों से पूरी तरह हटा लिया जाना था.

इसके अगले चरण में गुरूवार से सीरिया में पूर्ण युद्धविराम लागू किया जाना है.

मगर सीरियाई कार्यकर्ताओं के हवाले से मिल रही खबरों के अनुसार मंगलवार को सुबह के समय में ही 30 से अधिक लोग मारे गए.

उनका कहना है कि विरोधियों के कब्जे वाले शहर होम्स के अलावा दक्षिण में स्थित एक और शहर डेरा पर हमले हुए हैं. राजधानी दमिश्क से भी अशांति की ख़बरें आ रही हैं.

इससे पहले सोमवार को सीरिया में हुई हिंसा सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के शुरू होने के बाद से अब तक की सबसे गंभीर हिंसा रही. हिंसा की छाया फैलकर उसके पड़ोसी देशों तुर्की और लेबनान तक पहुँच गई.

सीरिया में हिंसा रूकवाने के लिए मध्यस्थता कर रहे संयुक्त राष्ट्र के दूत कोफ़ी अन्नान ने सभी पक्षों से तत्काल और बिना शर्त हिंसा बंद करने की अपील की है.

तुर्की में एक सीरियाई शरणार्थी शिविर का दौरा करने के बाद उन्होंने उम्मीद जताई कि शांतियोजना को गुरूवार तक लागू किया जा सकेगा.

सीरिया का जवाब

सीरिया ने हिंसा जारी रहने के लिए हथियारबंद गिरोहों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

अपने एक अत्यंत करीबी मित्र राष्ट्र रूस का दौरा कर रहे सीरियाई विदेश मंत्री वालिद मुअल्लम ने कहा कि उनकी सरकार ने शांति योजना का पालन करने के लिए क़दम उठाए हैं और कुछ सैनिकों को हटाया भी है.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा कई बंदियों को रिहा किया गया है और जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए भी समझौता हो गया है.

मगर उन्होने कहा कि इन सकारात्मक उपायों के बावजूद हथियारबंद आतंकवादी गुटों का विरोध बढ़ता जा रहा है.

सीरिया ने इससे पहले रविवार को इस बात की लिखित गारंटी माँगी थी कि विरोधी पहले हथियार डालें और फिर ये वादा करें कि वे विदेशों से आर्थिक सहायता नहीं लेंगे.

इस बीच सीरिया और तुर्की के बीच सोमवार को सीमापार गोलीबारी की घटना को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है.

इस घटना में सीरियाई सीमा से तुर्की के भीतर सीरियाई शरणार्थियों के एक शिविर पर गोलीबारी की गई थी जिसमें कई लोग घायल हो गए.

तुर्की के प्रधानमंत्री रज्जप तय्यब अर्दोगान ने इस घटना को उनकी संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप बताते हुए कहा है कि विचार कर रहे हैं कि इसका क्या जवाब दिया जाए.

तुर्की में अभी कोई 24,000 सीरियाई लोग रह रहे हैं जिनमें कई सेना से भागे हुए लोग हैं. पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में शरणार्थी भी वहाँ से भागकर तुर्की आ रहे हैं.

उधर लेबनान ने सीरिया के साथ लगी उसकी सीमा पर एक लेबनानी कैमरामैन की हत्या की निन्दा की है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के विरूद्ध शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से अब तक 9,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

वहीं सीरिया का कहना है कि फरवरी तक मारे गए लोगों की संख्या 3,838 थी जिसमें 2,493 आम लोग थे जबकि 1,345 सैनिक.

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