भूकंप के बाद जारी सूनामी की चेतावनी वापस

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Image caption आचे में आए भूकंप के बाद सूनामी की चेतावनी जारी.

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में आए भारी भूकंप के बाद हिंद महासागर में सुनामी लहरों के उठने की चेतावनी जारी की गई थी जिसे अब अमरीकी के प्रशांत सूनामी चेतावनी केंद्र ने वापस ले लिया है.

आचे में 8.6 की तीव्रता का भूकंप आया था जिसके बाद चेतावनी जारी की गई थी लेकिन इसके कुछ घंटे बाद एक और झटका आया जिसकी तीव्रता 8.3 मापी गई है.

अमरीका के प्रशांत सूनामी चेतावनी केंद्र ने अपनी बेवसाइट पर लिखा है, "भूकंप के बाद उल्लेखनीय लहरें उठी थीं लेकिन समुद्री जल स्तर के अध्ययन से पता चलता है कि इनसे ख़तरा अब कम हो गया है. इस वजह से हम अपनी चेतावनी को रद्द कर रहे हैं. लेकिन ख़तरे के बिल्कुल ख़त्म होने का आंकलन स्थानीय सरकारें ही कर सकती हैं क्योंकि सूनामी की लहरें में भिन्नता देखी जाती है."

भूकंप के बाद मची अफरा-तफरी की तस्वीरें

इससे पहले अमरीका के प्रशांत महासागर सुनामी चेतावनी केंद्र ने हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित देशों की सरकारों को उचित कदम उठाने की हिदायत दी है.

भूकंप के बाद इंडोनेशिया, थाईलैंड और भारत समेत कई देशों को सूनामी की लहरें उठने की संभावना के प्रति चेताया गया था.

अंडमान-निकोबार के लिए चेतावनी

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Image caption भूकंप आते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े

उधर भारत में हैदराबाद स्थित सूनामी चेतावनी केंद्र ने अंडमान निकोबार द्वीपों के लिए सूनामी चेतावनी जारी है.

इस केंद्र के एक अधिकारी किशोर एंजेल ने बीबीसी संवाददाता उमर फारुक को बताया है कि अंडमान निकोबार के तीन स्थानों पर सूनामी की लहरें उठने का ख़तरा है.

उन्होंने कहा कि उनका केंद्र भूकंप के पूरे असर का आंकलन करने में जुटे हुए हैं.

क्यों उठती हैं सूनामी की लहरें?

हैदराबाद के सूनामी चेतावनी केंद्र के निदेशक सतीश चंद्र शेनॉय ने कहा है कि उनका केंद्र समुद्र में हो रही हलचल पर नज़र रखे हुए है और फिलहाल उन्हें समुद्र जलस्तर में कोई खतरनाक बदलाव नहीं दिखा है.

भारत में कोलकाता, चेन्नई, बैंगलोर और पूर्वी तट पर स्थित कई अन्य शहरों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं.

कुछ खबरों के अनुसार कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके की कुछ इमारतों में दरारें आई हैं. शहर में दोपहर दो बजकर 42 मिनट से मैट्रो सेवाओं को रोक दिया गया है.

कोलकाता से विंसेट नाम के एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया, “हमारी इमारत में सभी ने झटके महसूस किए. सभी लोग बाहर की ओर दौड़े. लोगों से कहा गया कि वे लिफ़्ट का प्रयोग ना करें. करीब एक मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल था. सभी लोग अपने परिवार वालों का हालचाल जानने के लिए फोन कर रहे थे.”

इस बीच भारत के केंद्रीय गृह सचिव ने कहा है कि स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और फिलहाल हड़बड़ाहत करने की ज़रुरत नहीं है.

हिंद महासागर में सूनामी

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Image caption बांदा आचे में भूकंप के बाद लोग ऊंची जगहों की ओर भागने लगे जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम हो गया

हिंद महासागर में कई भूकंप होते हैं. साल 2004 में इंडोनेसिया में आए भूकंप के बाद उठी जानलेवा सूनामी लहरों के कारण अकेले आचे प्रांत में एक लाख 70 हज़ार लोगों की जान गई थी. उन सूनामी लहरों में कुल ढाई लाख लोग मारे गए थे.

दुनिया भर में भूकंपों पर नज़र रखने वाले अमरीकी जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा है कि बुधवार को आए पहले भूकंप का केंद्र समुद्र की सतह से 33 किलोमीटर नीचे था.

जकार्ता में बीबीसी संवाददाता करिश्मा वासवानी ने कहा है कि उन्हें पांच मिनट तक धरती के हिलने की ख़बरें मिलीं हैं.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसिलो बाम्बांग युद्धोयोनो ने कहा है कि उनके देश का चेतावनी सिस्टम अच्छे ढंग से काम कर रहा है और उन्हें आचे के लिए राहत सामग्री ले जाने के आदेश दे दिए हैं ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके.

पहले झटके के कुछ घंटे बाद 8.3 की तीव्रता का एक झटका आया जिसके बाद ताज़ा चेतावनी जारी की गई है.

अफरा-तफरी के लम्हे

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Image caption लोगों की चेहरों में चिंता साफ देखी जा सकती है. साल 2004 में आई सुनामी में अकेले आचे में एक लाख 70 हज़ार लोग मारे गए थे.

इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा है कि देश के आचेह प्रांत में बिजली गुल हो गई है और लोग ऊंचे स्थानों पर जमा हो गए हैं.

एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो ने रॉयटर्स को बताया, "वहां बिजली चली गई है. ऊंचे स्थानों की ओर जाने की होड़ में ट्रैफिक जाम हो गई है. सब जगह सायरन बज रहे हैं और मस्जिदों में कुरान की आयतें पढ़ी जा रही हैं."

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उधर थाईलैंड के आपदा प्रबंधन कार्यालय ने फुकेट, फांग ना और अंडमान के लिए चेतावनी जारी की है.

साल 2004 में आई सूनामी के बाद लगाए गए सायरन फुकेट के चेतावनी दे रहे थे.

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