संघर्षविराम लागू, लेकिन सीरिया पर सवाल

सीरिया इमेज कॉपीरइट a
Image caption सीरिया की सरकार ने कहा है कि हमले होंगे, तो जवाबी कार्रवाई होगी

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र-अरब लीग के दूत कोफी अन्नान की ओर से प्रस्तावित संघर्षविराम लागू हो गया है. लेकिन कई पश्चिमी देशों ने इस संघर्षविराम को लागू करने के मामले में सीरिया की मंशा पर संदेह जताया है.

बुधवार को सीरिया ने प्रस्तावित संघर्षविराम को लेकर प्रतिबद्घता जताई थी, लेकिन साथ ही ये भी स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी हमले का जवाब देने का अधिकार उसके पास रहेगा.

अमरीका ने सीरिया के वादे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. इस बीच सीरिया के मुख्य हथियारबंद विद्रोही संगठन का कहना है कि अगर सरकारी सेना ने हमले जारी रखे, तो वो भी गोलीबारी करेंगे.

शंका

लेकिन सरकार विरोधी विद्रोहियों ने इस घोषणा पर शंका जताई है. उनका कहना है कि हिंसा अब भी जारी है और होम्स शहर में बुधवार को कम से कम 11 लोग मारे गए.

एक अधिकारी ने सरकारी टेलीविज़न को बताया, “हमारे सशस्त्र बलों ने हथियारबंद आतंकवादी गुटों की आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सफल कार्रवाई करने के बाद फ़ैसला किया है कि बृहस्पतिवार से सभी ऑपरेशन बंद कर दिए जाएँगे.”

लेकिन विद्रोही संगठन फ़्री सीरियन आर्मी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि युद्धविराम लागू नहीं हो पाएगा.

कैप्टन ऐहम अल-कुर्दी ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “हमारी फ़ौजें गोलियाँ चलाना बंद नहीं करेंगी क्योंकि दूसरा पक्ष (गोली चलाना) बंद नहीं करेगा.”

उन्होंने कहा,"अगर दूसरा पक्ष गोलियाँ चलाना बंद करता है तो सीरिया के लोग राष्ट्रपति के महल तक जा पहुँचेंगे. इसका मतलब होगा कि ये सरकार नहीं टिक पाएगी."

उधर अमरीका की विदेशमंत्री हिलरी क्लिंटन ने कहा है कि वो अब बी जारी हिंसा से हतप्रभ हैं. सीरिया में हिंसा से घबराकर पड़ोसी देश जॉर्डन में भाग कर पहुँचे शरणार्थियों की संख्या 95 हजार तक पहुँच चुकी है.

कोफ़ी अन्नान ने संयुक्त राष्ट्र और अरब लीग की ओर से सीरियाई सरकार के सामने छह-सूत्री शांति योजना रखी थी. इसके मुताबिक़ सीरियाई सेना को बस्तियों से अपनी फ़ौजें हटानी थीं और मंगलवार तक भारी हथियारों का इस्तेमाल बंद कर देना था.

'गारंटी नहीं'

हालाँकि सीरियाई सरकार ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई बंद करने की घोषणा कर दी है लेकिन विद्रोही संगठन फ़्री सीरियन आर्मी ने किसी भी तरह की गारंटी देने से इंकार कर दिया है.

संगठन ने कहा है कि वो सीरियाई सरकार को मान्यता नहीं देता.

सीरिया में पत्रकारों के स्वतंत्र तौर पर काम करने पर पाबंदी है इसलिए वहाँ होने वाली घटनाओं की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि करना संभव नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि एक साल पहले शुरू हुए सरकार विरोधी विद्रोह में अब तक नौ हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

इस साल फ़रवरी में सीरिया की सरकार ने कहा था कि मरने वालों में 1,345 सैनिक और लगभग ढाई हज़ार आम लोग थे.

संबंधित समाचार