सिगरेट के पैकेट से धूम्रपान पर निशाना

  • 13 अप्रैल 2012
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Image caption सिगरेट के पैकेट अपनी पैकेजिंग और ब्रैंडिंग से लोगों को अपनी ओर खींचते हैं

धूम्रपान से सेहत को होने वाले नुकसान को लेकर हमेशा चिंता जताई जाती रही है. इंग्लैंड में धूम्रपान के प्रति आकर्षण कम करने के लिए सरकार नई योजना बनाने पर विचार कर रही है.

सरकार की योजना है कि सिगरेट के पैकेटों पर से सारी ब्रैडिंग हटा ली जाए ताकि वे कम आकर्षक लगें. यानी सिगरेट के पैकेट सीधे सपाट और ऊबाऊ दिखें.

ब्रिटेन के स्वास्थय मंत्री एंड्रयू लांसले ने 'द टाइम्स' को बताया है कि ब्रिटेन में 11 से 15 साल की उम्र के बच्चों में से पाँच फीसदी नियमित धूम्रपान करते हैं और इस आदत के चलते देश में हर साल एक लाख लोगों की मौत होती है.

लांसले के मुताबिक नई योजना को लेकर तंबाकू कंपनियों से बात नहीं करने की मंशा नहीं है क्योंकि सरकार इस तरह का माहौल बनाना चाहते हैं जिसमें इन कंपनियों के लिए 'कारोबार ही न बचे'.

खतरनाक सिगरेट के छल्ले

सरकार अपनी नई योजना पर सोमवार से सलाह मशविरा शुरू करेगी. इसी महीने से ब्रिटेन में बड़ी दुकानों पर तंबाकू के प्रचार पर पाबंदी लगी है और 2015 तक छोटी दुकानों को भी इस पर अमल करना होगा.

इससे पहले धूम्रपान को कम करने के लिए सिगरेट वेंडिंग मशीनों की बिक्री पर रोक, कानूनी रूप से सिगरेट खरीदने की उम्र बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए जा चुके हैं.

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Image caption धूम्रपान को रोकने के तमाम अभियानों के बावजूद सिगरेट का चस्का कम नहीं हो रहा है

अभी तक ऑस्ट्रेलिया की अकेला ऐसा देश है जो सिरगेट की पैकिंग सीधे सपाट पैकेटों में करने पर रजामंद है. वहां इस साल के अंत से इस पर अमल शुरू होगा. हालांकि सिगरेट कंपनियों ने इसे अदालत में चुनौती दी है.

वहां सिगरेट के पैकेटों का रंग गहरा जैतूनी हरा होगा. इस बारे में जनता की राय मांगी गई कि उन्हें कौन का रंग सबसे कम पसंद है.

काला बाजारी

स्वास्थ्य मंत्री लांसले ने कहा हैकि वह नई योजना पर खुले दिमाग से विचार विमर्श के लिए तैयार हैं. इस बारे में भी बात होगी कि सिगरेट की सपाट पैकेजिंग से कहीं उसकी काली बाजारी को तो बढ़ावा नहीं मिलेगा.

लांसले की राय है कि सिगरेट की आकर्षक पैकिंग की वजह से छोटी उम्र से ही लोग धूम्रपान की तरफ खिंचते हैं. तंबाकू कंपनियां कुछ निश्चित रंगों का इस्तेमाल करती हैं जो दिमाग पर एक छाप छोड़ते हैं और उनका ब्रैंड भी एक तरह से विज्ञापन होता है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इंग्लैंड में हर साल 16 साल से कम उम्र के 30 हजार से ज्यादा किशोर धूम्रपान की कोशिश करते हैं.

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